रायपुर । छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने की सरकारी नीति तभी प्रभावी होगी, जब पात्र हितग्राहियों को समय पर सब्सिडी मिले। समाचारों के अनुसार वर्ष 2022 से 2024 के बीच ईवी खरीदने वाले हजारों हितग्राही अब भी सब्सिडी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस लंबित भुगतान से राज्य सरकार की योजनाओं पर आम नागरिकों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
इदरीस गांधी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण, ईंधन की बचत और टिकाऊ विकास से जुड़ा जनहित का विषय हैं। जो नागरिक सरकार की ईवी नीति पर भरोसा कर वाहन खरीद चुके हैं, उन्हें समय पर सब्सिडी मिलना सरकार की जवाबदेही भी है और भविष्य में ईवी अपनाने वालों के लिए सकारात्मक संदेश भी।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि लंबित ईवी सब्सिडी के भुगतान के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराकर सभी पात्र हितग्राहियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर सब्सिडी का भुगतान पुराने ईवी खरीदारों का विश्वास मजबूत करेगा और राज्य की ईवी नीति की विश्वसनीयता भी बढ़ाएगा।

