नई दिल्ली ।देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि भारत में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देश में कहीं भी ईंधन या रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और सभी खुदरा आउटलेट्स पर आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
⛽ पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता
मंत्रालय के अनुसार, भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप बिना किसी बाधा के संचालित हो रहे हैं। हाल के दिनों में कुछ स्थानों पर दिखी भीड़ को मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक सूचनाओं का परिणाम बताया है।
🛢️ कच्चे तेल की आपूर्ति मजबूत
सरकार ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के बावजूद भारत को 41 से अधिक देशों से पर्याप्त कच्चा तेल मिल रहा है। सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं और अगले 60 दिनों की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है।
🏭 60 दिनों से अधिक का भंडार उपलब्ध
मंत्रालय ने उन दावों को खारिज किया है जिनमें कहा गया कि देश में केवल 6 दिनों का भंडार बचा है। सरकार के मुताबिक, वर्तमान में भारत के पास लगभग 60 दिनों का वास्तविक भंडार उपलब्ध है, जबकि कुल भंडारण क्षमता 74 दिनों की है।
🔥 एलपीजी आपूर्ति में भी कोई कमी नहीं
एलपीजी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। देश में प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले ही सुरक्षित किए जा चुके हैं।
🔵 पीएनजी को बढ़ावा, दीर्घकालिक योजना का हिस्सा
सरकार ने स्पष्ट किया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देना किसी संकट का परिणाम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है। इसे सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प बताया गया है।
⚠️ अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और पोस्ट के जरिए जानबूझकर दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल सरकारी स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

