27 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा पूरी कर छत्तीसगढ़ पहुंचे, स्वच्छ एवं हरित भारत का दे रहे संदेश
डोंगरगढ़। भारत को करीब से जानने, देश की विविध संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा लोगों से सीधे जुड़कर समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से निकले छत्तीसगढ़ के युवा सौरभ देवांगन अपनी अनूठी पैदल भारत यात्रा के दौरान राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ पहुंचे। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के जारा गांव निवासी सौरभ से मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी लंबी यात्रा के अनुभव, उद्देश्य और भविष्य के मिशन के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
सौरभ देवांगन ने बताया कि उन्होंने 7 अक्टूबर 2021 को भारत भ्रमण की पैदल यात्रा प्रारंभ की थी। यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक वे देश के 27 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में पैदल भ्रमण कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों, भाषाओं, संस्कृतियों, खान-पान, रहन-सहन और सामाजिक जीवन को करीब से देखने और समझने का अवसर प्राप्त किया। अब तक वे 19,500 किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल तय कर चुके हैं।
सौरभ की यात्रा केवल पर्यटन या देश भ्रमण तक सीमित नहीं है। वे इस यात्रा को लोगों से जुड़ने और समाज के बीच जागरूकता फैलाने का माध्यम मानते हैं। उनका कहना है कि पैदल चलकर भारत को देखने से देश की वास्तविक तस्वीर को करीब से समझने का अवसर मिलता है। गांवों, शहरों, कस्बों और विभिन्न क्षेत्रों में आम लोगों से मुलाकात के दौरान उन्हें देश की विविधता में एकता का अद्भुत अनुभव हुआ।
देश के विभिन्न राज्यों से होकर
गुजरी यात्रा
सौरभ देवांगन की पैदल यात्रा अब तक ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों से होकर गुजर चुकी है। इन क्षेत्रों में उन्होंने अलग-अलग समाज और समुदाय के लोगों से मुलाकात की तथा उनकी जीवनशैली और संस्कृति को समझने का प्रयास किया।
इसके अलावा सौरभ ने जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी तथा दमन एवं दीव सहित पांच केंद्र शासित प्रदेशों की भी पैदल यात्रा की है। हजारों किलोमीटर की इस यात्रा में उन्हें अनेक लोगों से मिलने और उनके अनुभव जानने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें लोगों का सहयोग और अपनापन लगातार मिलता रहा, जिसने उनके हौसले को और मजबूत किया।नगर में पहुंचने पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सोन कुमार सिन्हा, सामाजिक कार्यकर्ता अनुराधा शर्मा,जिज्ञासु टांक सहित अन्य लोगों ने स्वागत किया सौरभ ने कह कि नगर पहुंचकर महसूस हुआ अपनापन
डोंगरगढ़ पहुंचने पर सौरभ ने धर्मनगरी के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को भी करीब से महसूस किया। मां बम्लेश्वरी की नगरी के रूप में प्रसिद्ध डोंगरगढ़ में लोगों से मुलाकात को उन्होंने अपनी यात्रा का महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जिन-जिन लोगों से मिलने का अवसर मिला, उनमें उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की विशेषताएं देखने को मिलीं, लेकिन हर जगह लोगों में अपनापन और देश के प्रति जुड़ाव की भावना दिखाई दी।
सौरभ का मानना है कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और आम नागरिकों के बीच मौजूद भाईचारे में है। पैदल यात्रा के दौरान उन्होंने न केवल देश को देखा, बल्कि लोगों की समस्याओं, उम्मीदों और जीवन के संघर्षों को भी समझने का प्रयास किया।
स्वच्छ और हरित भारत का संदेश
सौरभ देवांगन अपनी यात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश भी लगातार लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाए तो देश को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।
वे लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरा हमेशा डस्टबिन में डालने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि देश की सुंदरता केवल बड़ी योजनाओं से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से भी बढ़ सकती है।
सौरभ ने कहा कि उनकी भारत यात्रा का उद्देश्य केवल हजारों किलोमीटर पैदल चलकर एक रिकॉर्ड बनाना नहीं है, बल्कि इस सफर को समाज और देश के लिए उपयोगी बनाना है। वे चाहते हैं कि उनके अनुभव से दूसरे युवा भी देश को जानने, प्रकृति को बचाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित हों।
19,500 किलोमीटर से अधिक की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर चुके सौरभ देवांगन का सफर आज भी जारी है। उनके कदम देश के अलग-अलग हिस्सों की ओर बढ़ रहे हैं और साथ ही उनके साथ चल रहा है स्वच्छ, हरित, सुंदर और जागरूक भारत का संदेश। अंत में उन्होंने कह कि मेरी यात्रा अभी भी जारी है और मैं सात अक्टूबर को शुरू किया था और सात अक्टूबर को ही खत्म करना चाहता हूँ तो अभी मैं खैरागढ़ जिला की ओर जा रहा हूँ खैरागढ़ से राजनांदगांव फिर भिलाई और छत्तीसगढ़ के कुछ जगहों को घूमकर राजधानी रायपुर में 7 अक्टूबर को समाप्त करूँगा पूरा यात्रा20000किलोमीटर का हो जाएगा

