दिल्ली बिल्डिंग हादसे में तीन की मौत

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन के पास हॉस्टल की इमारत गिर गई है। घटना के वक्त हॉस्टल में कई छात्र मौजूद थे जो हादसे की चपेट में आ गए। फिलहाल मलबे में दबे छात्रों को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ एनडीआरएफ और एमसीडी की टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
दिल्ली में सत्य निकेतन के पास बड़ा हादसा हो गया है। यहां एक हॉस्टल की इमारत भरभराकर गिर गई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस हादसे में अबतक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में कई छात्र अब भी दबे हुए हैं जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घटना रविवार दोपहर डेढ़ बजे के आसपास की है। घटना के वक्त हॉस्टल में कई छात्र मौजूद थे जो हादसे की चपेट में आ गए। इसकी सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। चश्मदीदों ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि लगा जैसे भूकंप आ गया। हॉस्टल वाली इमारत के पास ही एक और बिल्डिंग थी जिसमें पीजी चल रहा था, वो भी इस हादसे की चपेट में आ गई।
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद एबीवीपी के सदस्य सिविक सेंटर स्थित दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के दफ्तर के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि एमसीडी कमिश्नर को इस्तीफा देना चाहिए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल के बाद अब एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंची हैं। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत की। बिल्डिंग हादसे में घायल बच्चों को यहां ईलाज के लिए लाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ‘दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत का गिरना दुखद है। जिन्होंने अपनों को खोया है उनके प्रति मेरी संवेदना है। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। घटनास्थल पर अधिकारी डटे हुए हैं और हादसे में प्रभावित हुए लोगों की मदद कर रहे हैं।’
सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक, अबतक 11 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। मैं अस्पताल जा रही हूं। इतना कहा सकती हूं कि जो भी व्यक्ति इसके जिम्मेदार हैं चाहे वह बिल्डिंग का मालिक है या अधिकारी है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि बिल्डिंग पुरानी थी। और इसमें कंस्ट्रक्शन रेनोवेशन का काम चल रहा था। बेसमेंट में किसी प्रकार की खुदाई चल रही थी जिसकी वजह से पिलर हिला और वह पूरी बिल्डिंग ढह गई। ये बिल्डिंग पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी और इसके अंदर बच्चे थे।

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