दीपक बैज का साय सरकार पर हमला: धान खरीदी में देरी, आदिवासी मुद्दों और वोट बचाओ रैली को लेकर उठाए सवाल

रायपुर/24 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री साय ने कल कहा कि 50 सालों में कांग्रेस ने जनजातियों के लिए कुछ नहीं किया। साय जी 50 सालों में कांग्रेस ने आदिवासियों की संस्कृति को बचाये रखा, आदिवासी को जनजाति नहीं बनने दिया। पेसा कानून संविधान में विशेष अधिकार नौकरी में आरक्षण, विधानमंडल में आरक्षण सब कांग्रेस की देन है। साय जी आप आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री है तो इसके पीछे भी कांग्रेस की नीतियां ही है।

वोट बचाओ, देश बचाओ रैली

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘‘वोट बचाओ, देश बचाओ’’ रैली रामलीला मैदान में आयोजित है। इस रैली में छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा एसआईआर के निरस्तीकरण और काटे गये वोटो की बहाली तक कांग्रेस का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

अभी तक धान खरीदी की तिथि घोषित नही

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज 24 अक्टूबर हो गया अभी तक सरकार की तरफ से धान खरीदी की अधिकृत तारीख की घोषणा नहीं की गयी है, इस कारण किसान चिंतित है। साय सरकार के बनने के पहले तक राज्योत्सव दिन 1 नवंबर अर्थात् दीपावली के समय धान की खरीदी शुरू हो जाती थी ताकि किसान त्यौहार मना सके। अभी तक सरकार तारीख को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पाई है, न ही खरीदी का जमीनी स्तर पर कोई तैयारी दिख रही है, न बारदाना की उपलब्धता की तैयारी है और न ही खरीदी केन्द्रों पर कोई तैयारी है। हमारी मांग है कि दीपावली के पहले धान खरीदी की जाये। यदि धान खरीदी दीपावली तक नही होती है तो अग्रिम भुगतान किया जाये। धान की इस वर्ष 3158 रू. प्रति क्विंटल किया जाये दो साल में समर्थन मूल्य 258 रू.। 117 रू. (24-25), 69 रू. (25-26), 72 रू. (26-27) में बढ़ा है भाजपा का वादा 3100 रू. का था 258 रू. जोड़कर किसानों 3358 रू. का भुगतान किया जाये।

मुरिया दरबार को सरकार ने मजाक बनाया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मुरिया दरबार आम जनता का दरबार है, लेकिन सरकार ने मजाक बनाया है। राष्ट्रपति को बुलाया, स्वागत है। लेकिन बस्तर को क्या मिला, दो बार आये? पहले जोगी को भगाया, फिर रथ बनाने वाले को भगाया। रथ में दबकर एक आदिवासी की मौत, दूसरे घायल, मुआवजा मिला तक नहीं। दशहरे का छायाचित्र को गलत दिखाया गया। अब तो हद हो गया कि राष्ट्रपति को काछन देवी को ही बदलकर दिखाया गया। काछन देवी की जगह दूसरे बच्ची को खड़े कर फर्जी तरीके से दिखाया गया। जिससे पनका समाज नाराज है और अपमानित किया है। राष्ट्रपति बस्तर दो बार आये आदिवासियों को क्या मिल? 4000 से अधिक जेल में है, 25000 से अधिक स्थायी वारंटी है उनको माफी क्यों नहीं मिला। जबकि राष्ट्रपति को फांसी की सजा को भी माफ करने का अधिकार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *