नई दिल्ली। भारत सरकार ने बांग्लादेश के साथ अपने कूटनीतिक रिश्तों को खास तरजीह देते हुए एक अहम फैसला लिया है। मोदी सरकार ने बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दिया है। गुरुवार को बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना परिचय पत्र सौंपने के तुरंत बाद, त्रिवेदी ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने का भी बड़ा ऐलान किया है। गृह मंत्रालय ने 24 जून के एक कार्यालय ज्ञापन में बताया है कि दिनेश त्रिवेदी को ‘टेबल ऑफ प्रेसिडेंस’ (ToP) में बिना कोई संशोधन किए व्यक्तिगत तौर पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा दिया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह दर्जा केवल ‘औपचारिक समारोहों’ के लिए मान्य होगा।
दो साल बाद फिर शुरू हुईं वीजा सेवाएं
दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के सभी पांच वीजा आवेदन केंद्रों- ढाका, राजशाही, चटगांव, सिलहट और खुलना से यात्रा वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने की घोषणा की है। साल 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता से बेदखली के बाद बनी मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान यह सेवा रोक दी गई थी। दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों और सुरक्षा हालातों को देखते हुए करीब दो साल पहले वीजा सेवाओं पर रोक लगाई गई थी।
रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश
दिनेश त्रिवेदी द्वारा परिचय पत्र सौंपने के बाद, बांग्लादेश के राष्ट्रपति के प्रेस सचिव मोहम्मद सरवर आलम ने बताया कि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन को उम्मीद है कि त्रिवेदी के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच लोगों पर केंद्रित और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध और अधिक गहरे होंगे।
इसके जवाब में दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि दो संप्रभु राष्ट्रों के बीच दोस्ताना और सौहार्दपूर्ण संबंध होना स्वाभाविक है, जो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत बंधनों को दर्शाता है। भारत सरकार द्वारा एक अनुभवी राजनेता को ढाका भेजने का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब दोनों पक्ष 2024 के घटनाक्रमों के बाद तनावपूर्ण हुए द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।

