कतर पर हमले के बाद अपने ही जाल में फंसा अमेरिका

इजरायल को लेकर अमेरिका अपने ही जाल में फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। कतर पर इजरायली हमले के बाद अमेरिका के सामने अपने दोनों सहयोगियों के प्रति बैलेंस बनाने की चुनौती है। इसीलिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की और अब वह इजरायल जाने वाले हैं। बता दें कि इजरयाल ने दोहा में हमास के सदस्यों को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया था। इसमें कतर के भी एक जवान की मौत हो गई थी। इजरायल की इस हरकत पर डोनाल्ड ट्रंप ने भी नाराजगी जताई। अमेरिका की भी नीति गाजा को लेकर अस्पष्ट ही रही है। एक तरफ वह इजरायल का खुलकर समर्थन करता है और गाजा पर कब्जे को लेकर प्लान बनाता है। वहीं दूसरी तरफ वह युद्धविराम के लिए मध्यस्थता का भी दावा करता है। रविवार को मार्को रूबियो इजरायल पहुंचने वाले हैं। वह उन लोगों से मुलाकात करेंगे जिनके परिवार के लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था। वहीं यूएन में अलग फिलिस्तीनी देश को मान्यता देने को लेकर चल रही बहस के बीच अमेरिका यह भी दिखाना चाहता है कि वह इजरायल के साथ खड़ा है और अलग देश का विरोध करता है। बता दें कि रूबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वाइट हाउस में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहामन अल थानी से मुलाकात की। इके बाद डोनाल्ड ट्रंप के विशेष राजदूत स्टीव विटकॉफ ने उनके साथ डिनर किया। बता दें कि इजरायल ने कतर की राजधानी में तब हमला किया जब अमेरिका के ही युद्धविराम के प्रस्ताव पर बात करने के लिए हमास के लीडर इकट्ठे हुए थे। हमास और इजरायल के बीच युद्धविराम को लेकर अमेरिका और कतर मध्यस्थता कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले से खुद को दूर किया था। वहीं यूएन में इजरायल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव में अमेरिका भी शामिल था।

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