रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने बस्तर सहित प्रदेश के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को रिव्यू किया है। गृह मंत्री का दावा है कि नक्सली समाप्त हो गये है। अतः सुरक्षा की जरूरत नहीं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को नक्सल प्रभावित राज्य का मुख्यमंत्री रहने के कारण एनएसजी सुरक्षा मिली है। वे ब्लैक कैट कमांडो से घिरे रहते है। उनको मुख्यमंत्री पद से हटे भी 8 साल से अधिक हो रहे है। यदि सभी की सुरक्षा नक्सल समाप्त होने के कारण हटाई जा रही तो क्या रमन सिंह की भी एनएसजी सुरक्षा हटाई जायेगी? उनको भी पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में मिलने वाली जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जाए। प्रदेश के अनेक नेताओं विशेषकर बस्तर के भाजपा नेताओं को केंद्र सरकार के द्वारा सीआरपीएफ का विशेष सुरक्षा दी गयी है क्या उसको भी हटाने के लिए राज्य सराकर अनुशंसा करेगा? यदि सुरक्षा को लेकर कोई निर्णय लिया जा रहा है तो उसमें भेदभाव नहीं होना चाहिए। सुरक्षा हटाने के पहले क्या सरकार ने इंटेलिजेंस इन्पुट लिया है कि जिनको अब तक सुरक्षा नहीं मिली है उनको अब सुरक्षा की जरूरत नहीं है? बस्तर के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा हटाने के बाद कोई अनहोनी होती है तो क्या सरकार उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेगी?
सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता, एरियर्स सहित दीवाली से पहले प्रदान करे सरकार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में मोदी के गारंटी के नाम पर सरकारी कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता और एरियर्स देने का वादा है, वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है लेकिन राज्य के कर्मचारियों को अभी 58 से 60 प्रतिशत किया गया है, पहले 5 प्रतिशत का था जो अब भी 3 प्रतिशत रहेगा ही। केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता 2 प्रतिशत बढ़ाया गया था जो 10 महीना बीतने के बाद राज्य सरकार अब लागू कर रही है तो इन 10 महीनों का एरियर्स का भुगतान राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को दीवाली से पहले करे सरकार। 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता केंद्र की सरकार ने पिछले 1 जुलाई 2026 से स्वीकृत किया था, तीन महीना बाद भी आज तक प्रदेश की भाजपा सरकार ने इसका लाभ प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनरों को नहीं दिया है। मोदी की गारंटी के नाम पर भाजपा ने प्रदेश के हर वर्ग को ठगा है, यह सरकार प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरो के डीए और एरियर्स में सीधे तौर पर डकैती डाल रही है।
फसल की क्षतिपूर्ति राशि तत्काल जारी की जाए
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अर्नब तूफान के कारण किसानों की फसल की जो क्षति पूर्ति हुई है, उसका आंकलन तत्काल शुरू किया जाना चाहिए तथा आंकलन कर वास्तविक नुकसान की क्षतिपूर्ति राशि सरकार जारी करें। फसल बीमा कंपनियों को सरकार की तरफ से चेतावनी जारी की जाए कि किसानों के नुकसान की बीमा राशि देने में कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। किसानों के वास्तविक नुकसान का आंकलन कर बीमा राशि जारी की जाये। कृषि विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर बीमा कंपनियों की निगरानी की जाये।

