
मुंबई। मिलावटी मसालों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने खुले और बिना पैकेट वाले मसाला पाउडर तथा मिश्रित मसालों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया।
गुरुवार को जारी आदेश के तहत मसालों को उत्पादन स्थल पर ही पैक और सीलबंद करना होगा ताकि उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उनके स्रोत का पता लगाने में मदद मिल सके। महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि मसालों में मेटानिल येलो, रोडामाइन बी, सूडान डाई और लेड क्रोमेट जैसे हानिकारक रंगों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा।
मसालों को कीटाणुरहित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एथिलीन आक्साइड के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। एथिलीन आक्साइड से कैंसर होने का खतरा रहता है। तुकाराम ने पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार ने मसालों के उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री को लेकर व्यापक आदेश जारी किया है, जिसमें सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।
यह आदेश हल्दी, मिर्च, धनिया, जीरा, काली मिर्च, दालचीनी, लौंग, इलायची, हींग, केसर, खसखस, गरम मसाला, करी पाउडर और अन्य मसालों तथा मसाला आधारित उत्पादों के निर्माताओं, व्यापारियों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, ई-कामर्स कंपनियों, होटलों, भोजनालयों, कैटरर्स और संस्थागत रसोईघरों पर लागू होगा।

