बांग्लादेश में तारिक रहमान की बीएनपी सरकार ने हाल ही में अपना चीनी प्रेम दिखाते हुए एक नई डील की है। इस डील की कहानी कुछ यूं है कि जिस जगह को लेकर चीन संग यह समझौता हुआ है, करीब एक साल पहले मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने यहां भारत से जुड़े एक बड़े प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था। अब बांग्लादेश ने चीन का हाथ थाम लिया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश ने अपनी दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर स्थित मोंगला पोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए चीन के साथ 335.78 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 3 करोड़ के रियायती ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता बीते जून में तारिक रहमान की बीजिंग यात्रा के दौरान ही फाइनल हुआ था, जिस पर अब औपचारिक मुहर लगी है। यह भारत के लिए इसीलिए भी अहम है क्योंकि यह पोर्ट भारतीय सीमा से महज 80 किलोमीटर स्थित है। इस योजना के लिए बांग्लादेश सरकार और चीन के एक्ज़िम बैंक के बीच एक लोन एग्रीमेंट पर सहमति बनी है। चीन 2 फीसदी की रियायती ब्याज दर पर बांग्लादेश को लोन दे रहा है। इसे चुकाने के लिए 20 साल का समय मिला है। इसके अलावा 5 साल का अतिरिक्त ग्रेस टाइम भी मिलेगा। डील के तहत बांग्लादेश के दूसरे सबसे बड़े बंदरगाह पर दो नए कंटेनर टर्मिनल और कार्गो-हैंडलिंग यार्ड का निर्माण किया जाएगा। फोकस बंदरगाह की क्षमता बढ़ाने पर होगा।
भारत का प्रोजेक्ट रद्द कर बांग्लादेश ने चीन से मिला लिया हाथ

