बच्चों ने रंगों और शब्दों में रचा अपने सपनों का भारत

बच्चों ने रंगों और शब्दों में रचा अपने सपनों का भारत

सेवा संकल्प अभियान के तहत स्कूलों में मेगा पालक-शिक्षक सम्मेलन, उत्कृष्ट विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

सेवा संकल्प अभियान के तहत स्कूलों में मेगा पालक-शिक्षक सम्मेलन, उत्कृष्ट विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

बच्चों ने रंगों और शब्दों में रचा अपने सपनों का भारत

बच्चों ने रंगों और शब्दों में रचा अपने सपनों का भारत

रायपुर । किसी ने स्वच्छ और सुंदर भारत की तस्वीर कागज पर उतारी तो किसी ने डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सशक्त भारत का सपना रंगों में सजाया। किसी की कल्पना विकसित भारत-2047 की थी, तो किसी ने महिला सशक्तिकरण, सेना के शौर्य और नक्सल मुक्त भारत को अपनी रचनाओं का विषय बनाया। सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ के पुसौर विकासखंड के स्कूलों में आयोजित मेगा पालक-शिक्षक सम्मेलन में बच्चों ने ’’‘मेरे सपनों का भारत’’’ विषय पर अपनी कल्पनाओं को चित्रों और शब्दों के जरिए जीवंत कर दिया।
प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में आयोजित ड्राइंग, पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। ‘सेवा-विगत 25 वर्ष’ और ‘सपना-आगामी 25 वर्ष’ की थीम पर बच्चों ने देश की विकास यात्रा और भविष्य के भारत की अपनी कल्पना को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों में स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, विकसित भारत-2047, महिला सशक्तिकरण, सेना का शौर्य, नक्सल मुक्त भारत, नया कश्मीर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक जैसे विषय प्रमुख रहे।

चित्रों में दिखी भविष्य के भारत की तस्वीर

बच्चों की रचनाओं में देश के विकास को लेकर उनकी सोच और कल्पनाशीलता साफ नजर आई। रंगों और शब्दों के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि वे आने वाले वर्षों में भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं। पालकों और शिक्षकों ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय स्तर पर पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार मिलने से बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। शाला स्तर पर चयनित विद्यार्थी अब आगामी विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।

मेगा पालक-शिक्षक सम्मेलन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, व्यवहार और सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों ने पालकों से चर्चा की। पालकों ने भी बच्चों की पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर शिक्षकों के साथ संवाद किया। सम्मेलन में विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में पालकों, शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रही। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस आयोजन ने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ उन्हें देश के वर्तमान और भविष्य से जोड़ने का अवसर भी दिया।

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