सरकार भविष्य में पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करे ताकि पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों।
भारत के भविष्य और देश के युवाओं की जिंदगी के साथ अब कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकार मांगने उतरे मासूम छात्रों पर बर्बरता करने वाले दोषियों पर हो सख्त से सख्त कार्रवाई।
युवाओं को मानसिक-आर्थिक प्रताड़ना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से माफी मांगे ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की बुलंद गूंज और अन्याय के खिलाफ न्याय की बड़ी जीत है। देश का युवा जब सड़कों पर उतरकर अपने हक की लड़ाई लड़ता है, तो तानाशाह सरकारों को भी झुकना पड़ता है।
डॉ. महंत ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, पिछले कुछ समय से जिस तरह से एक के बाद एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, उसने लाखों होनहार छात्रों के भविष्य पर अंधकार का साया ला दिया था। युवाओं के खून-पसीने की मेहनत और उनके माता-पिता के सपनों के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा था।
नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई हैं।
* सरकार तुरंत कड़े कानून और मजबूत पारदर्शी व्यवस्था लागू करे ताकि भविष्य में कभी भी किसी भी परीक्षा का पेपर लीक न हो सके।
* शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बरता की निष्पक्ष जांच हो और दोषी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
* देश के लाखों युवाओं का समय, भविष्य और मनोबल तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सामने आएं और देश के सभी प्रभावित छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
डॉ. महंत ने कहा कि, भारत का भविष्य हमारे युवा हैं। यदि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाएगा, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

