रायपुर। शिक्षा सत्र की तिथि बदलने पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव आने वाले नये शिक्षा सत्र की शुरुवात 1 जुलाई के बजाये 1 अप्रैल से शुरू करने की घोषणा की दावा किया गया है कि इसे पढ़ाई का पैटर्न बदलेगा सरकारी स्कूल भी निजी स्कूल की तरह कार्य करेगी। सवाल ये उठता है जब सरकारी स्कूल में 50 हजार शिक्षकों के पद रिक्त है। शिक्षकों की कमी है समय पर पुस्तक स्कूल ड्रेस छात्रवृत्ति बच्चो को नही मिल पा रहा है। ऐसे में सत्र शुरू होने की तिथि बदलने से पढ़ाई की गुणवत्ता कैसे सुधरेगी?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा मंत्री प्रदेश के स्कूलों की मूल समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने कभी प्रार्थना में मंत्र पाठ कराने का फरमान जारी करते है तो कभी नये सत्र में स्कूल खुलने की तिथि बदलते है लेकिन स्कूलों की मूल समस्या पर मौन क्यो रहते है? प्रदेश के अधिकांश स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर है।मरम्मत तक नही हो रही है। बारिश का पानी टपकता है प्लास्टर गिरने की शिकायत आ रही है। स्कूलों में पेयजल एवं शौचालय की समस्या है। स्टेशनरी, चाक डस्टर पेंसिल टाट पट्टी, कुर्सी टेबल ब्रेंच, पंखा कूलर नही है। सफाई कर्मी, रसोईया, चपरासी नही है। बाउंड्री वाल नही है मैदान में पानी भर जाता है। इन समस्याओं को ठीक करने के बजाय हवा हवाई दावा किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा शिक्षा मंत्री सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तरह बनाने का दावा कर रहे है लेकिन उस दिशा में कार्य करने कोई कार्ययोजना नही है। 10463 स्कूलों को बंद कर दिया गया। स्वामी आत्मानंद योजना के तहत सरकारी स्कूलों को अपग्रेड कर अंग्रेजी एवं हिंदी मीडियम आधुनिक स्कूल खोला गया था। उन स्कूलों के शिक्षकों को तो वेतन समय पर मिल नही रहा है। 450 से अधिक आत्मानन्द योजना के तहत सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव था उसे रद्द कर दिया गया। अब स्कूलों की कमियों को छिपाने स्कूल की तिथि बदल रहे है उसे फायदा क्या होगा? बेहतर शिक्षा के लिए स्कूलों की अव्यवस्थाओं को दूर करना चाहिये। तभी शिक्षा का स्तर सुधरेगा। स्कूलों में ड्राप आउट रुकेगी।

