बृजमोहन और शकुंतला पोर्ते ने खोली फर्जी सुशासन के दावों की पोल – कांग्रेस

रायपुर। बृजमोहन अग्रवाल की  नाराजगी और विधायक शकुंतला पोर्ते की इस सरकार के शराब प्रेम की पीड़ा और उसको लेकर कुछ कर नहीं पाने उनकी असमर्थता को भाजपा सरकार का अधिनायकवादी चरित्र बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि इस सरकार की कारगुजारियों से भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी व्यथित हैं, अपमानित महसूस कर रहे हैं। विधायक पोर्ते के बयान से स्पष्ट है कि प्रदेश में रिमोट से सरकार संचालित है, सरकार आखिर चला कौन रहा है, इस बात से भाजपा के नेता भी अनभिज्ञ है। अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी वाले नेताओं को इरादतन अपमानित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। वर्तमान दौर में भाजपा में स्वाभिमान और आत्मसम्मान वाले नेता कार्यकर्ताओं के लिए कोई स्थान नहीं है। यह पहली बार नहीं है इससे पहले साजा विधायक ईश्वर साहू, युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रवि भगत और कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने भी सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा ज़ाहिर किया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि इस सरकार के सुशासन के तमाम फर्जी दावों की पोल खुल चुकी है बृजमोहन अग्रवाल जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता को पिछले एक वर्ष के दौरान दर्जन भर पत्र प्रदेश सरकार को लिखना पड़ा, लेकिन किसी मामले में अब तक उनकी भी कोई सुनवाई नहीं हुई। नकटी में गरीबों के घरों में बुलडोजर चलाने पर उनकी प्रतिक्रिया, कुम्हारी टोल से अवैध वसूली बंद करने की उनकी मांग, राजधानी रायपुर में ट्रैफिक समस्या, जलभराव को लेकर उनका गुस्सा सर्वविदित है, लेकिन भाजपा के नेता ही इस सरकार की उपेक्षा से व्यथित हैं। इस सरकार के कार्यशैली से कोई वर्ग संतुष्ट नहीं है। किसान, युवा, मजदूर, कर्मचारी-अधिकारी और महिलाएं नाराज हैं ही, इसके साथ ही भाजपा के कार्यकर्ता भी खुश नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने भी कहा था कि भाजपा सरकार में न उनके कार्यकर्ता और नेता ना खुश हैं, ना छत्तीसगढ़ में सरकार नाम की कोई चीज काम कर रही है। खनन और उद्योग प्रभावित क्षेत्र के लोगों का हक मार कर कमीशन खोरी के लालच में डीएमएफ और सीएसआर फंड की राशि फूंकी जा रही है। खनिज संसाधन मोदी के पूंजीपति मित्रों को लुटाया जा रहा है।  अवैध रेत माफिया, अवैध नशे के अवैध करोबारियों को संरक्षण है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी, सड़क सहित तमाम जनहित के विषय गौड हो गए है, सरकारी स्कूल हजारों की संख्या में बंद कर दिए गये है, तमाम कर्मचारी संघ आंदोलन पर है, सड़कों के गड्ढे भरने की स्थिति में यह सरकार नहीं है, किसान खाद, बीज संकट से परेशान है और यह सरकार केवल छत्तीसगढ़ के संसाधनों को लूटने जंगलों की कटाई करने में व्यस्त है। ढ़ाई साल के भीतर ही यह सरकार अपने ही कार्यकर्ताओं के बीच बेहद अलोकप्रिय हो चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *