बलौदाबाजार। आज दिनांक 27.06.2026 को प्रातः 11:00 बजे से पुलिस कम्युनिटी हॉल, पुलिस लाइन बलौदाबाजार में देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के गरिमामयी उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के तहत “जिला स्तरीय न्याय संहिता कैंपेन” का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और पुलिस अधिकारियों को देश के नवीन कानूनों के प्रति जागरूक और सजग बनाना है।
पुलिस अधीक्षक ने किया प्रेरित:- कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री ओ.पी. शर्मा ने अपने उद्बोधन में इस कैंपेन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय और पुलिस बल से अपील करते हुए कहा कि वे संपूर्ण कार्यक्रम में दी जा रही कानूनी जानकारियों का भरपूर लाभ उठाएं और नए कानूनों को आत्मसात कर समाज में न्याय व्यवस्था को और मजबूत करें।
नवीन कानूनों पर विधिक विशेषज्ञों का मंथन:- देश में लागू हुए नए कानूनों (भारतीय न्याय संहिता) की बारिकियों को समझाने के लिए कार्यक्रम में दिग्गज विधिक विशेषज्ञ उपस्थित रहे। वरिष्ठ विधिक विशेषज्ञ श्री एम.के. देशपांडे, डी.डी.पी. श्री गजेंद्र साहू एवं विशेष अपर लोक अभियोजक अधिवक्ता श्री अमिय अग्रवाल द्वारा नवीन विधिक प्रावधानों, धाराओं और प्रक्रियात्मक बदलावों के संबंध में अत्यंत सरल और सारगर्भित जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नए कानून किस प्रकार त्वरित न्याय और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम के दौरान विधिक विशेषज्ञों ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से देश में लागू हुए तीन नए कानून—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—पुराने औपनिवेशिक कानूनों (IPC, CrPC और Evidence Act) की जगह ले चुके हैं। इनके मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
1. न्याय पर केंद्रित: नए कानूनों का मुख्य उद्देश्य ‘दंड’ देने के बजाय नागरिक को ‘न्याय’ प्रदान करना और उसके अधिकारों की रक्षा करना है।
2. डिजिटल और हाई-टेक प्रणाली: अब एफआईआर (FIR) से लेकर अदालत के फैसले तक की प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कानूनी मान्यता दी गई है।
3. महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता: महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के लिए नए कानून में अत्यंत कड़े प्रावधान और अलग से विशेष अध्याय जोड़े गए हैं।
4. जीरो एफआईआर (Zero FIR): अब कोई भी नागरिक किसी भी थाने में जाकर अपराध की शिकायत दर्ज करा सकता है, चाहे घटना कहीं भी हुई हो।
5. समय-सीमा तय: पुलिस जांच, चार्जशीट दाखिल करने और अदालत द्वारा फैसला सुनाने के लिए सख्त समय-सीमा (Timeline) तय की गई है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा हो सके।
यातायात नियम और साइबर जागरूकता पर विशेष सत्र:- कानूनी जागरूकता के साथ-साथ वर्तमान समय की आवश्यकताओं को देखते हुए सुरक्षा संबंधी विशेष सत्र भी आयोजित किए गए:
यातायात सुरक्षा:- उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री संजय साहू ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन की अनिवार्यता और दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
साइबर अवेयरनेस:- सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य द्वारा वर्तमान में बढ़ रहे ऑनलाइन और साइबर फ्रॉड के तरीकों से अवगत कराते हुए, उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय और साइबर जागरूकता के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों और आमजन की गरिमामयी उपस्थिति:- मंच का कुशल और सफल संचालन उप पुलिस अधीक्षक (कैंप कसडोल) श्री कौशल किशोर वासनिक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बलौदाबाजार) श्री अभिषेक सिंह द्वारा सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और नागरिकों के प्रति आभार प्रदर्शन किया गया। इस जिला स्तरीय अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (भाटापारा) श्री हेमसागर, एसडीओपी भाटापारा श्री तारेश साहू, उप पुलिस अधीक्षक श्री राजेश श्रीवास्तव सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी, समस्त प्रोबेशनर सब-इंस्पेक्टर (PSI) और बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय आमजन व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ज्ञानवर्धक कैंपेन का भरपूर लाभ उठाया।

