10 सालों में सैकड़ों सांपों का किया कुशल रेस्क्यू
डोंगरगढ़ । शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोंगरगढ़ के एम.एस.सी. वनस्पति शास्त्र एवं डीसीए के भूतपूर्व छात्र किरण कुमार वर्मा द्वारा समय-समय पर महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में निकलने वाले सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर लोगों की जान-माल की रक्षा करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। छात्र का यह साहसिक एवं जोखिमपूर्ण कार्य न केवल उसकी निर्भीकता को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी और सेवा भाव को भी उजागर करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब भी महाविद्यालय, शहर अथवा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसी घर या परिसर में सांप निकलने की सूचना मिलती है, किरण साहू बिना किसी हिचकिचाहट के तत्काल मौके पर पहुंचकर अत्यंत सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू करता है और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ देता है। उसके इस कार्य से कई संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा चुका है, जिससे छात्र-छात्राओं, स्टाफ, स्थानीय नागरिकों एवं ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बनी रहती है।
छात्र किरण साहू ने बताया कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से यह कार्य कर रहा है तथा अब तक सैकड़ों सांपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर चुका है। उसे जहरीले एवं गैर-जहरीले सांपों की अच्छी जानकारी है, जिसके कारण वह इस कार्य को कुशलता से कर पाता है। नाग, अजगर, करैत सहित अनेक सांपों को उसने पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा है। किरण ने बताया कि जहरीले सांपों को पकड़ने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। वन्य जीवों के प्रति विशेष लगाव के चलते वह वर्तमान में वन विभाग में सेवा देने हेतु फॉरेस्ट रेंजर बनने की तैयारी भी कर रहा है।
किरण के अनुसार, लोगों को सुरक्षित करना और सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए जंगल में छोड़ना उसे विशेष संतोष और खुशी प्रदान करता है।
छात्र के इस अद्वितीय साहस और समाजहित में किए जा रहे कार्यों को देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन द्वारा इस वर्ष आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में उसे सम्मानित भी किया गया। साथ ही कई ग्राम पंचायत द्वारा भी वह सम्मानित हुआ है। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने उसकी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। महाविद्यालय परिवार एवं क्षेत्रवासियों ने किरण वर्मा के इस जज्बे की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। साथ ही, यह अपेक्षा भी व्यक्त की गई है कि वह आगे भी इसी प्रकार समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान देता रहेगा।

