वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2025 में राज्य सरकारों के सहयोग से पीएम धन धान्य कृषि योजना के तहत कृषि जिलों को विकसित करने की घोषणा की। यह योजना चरण 1 में 100 जिलों को कवर करेगी, जिससे 1.7 करोड़ किसानों को लाभ होगा, और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वित्त मंत्री संसद में केंद्रीय बजट 2025 पेश कर रही हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम धन धान्य कृषि योजना – कृषि जिलों का विकास कार्यक्रम… हमारी सरकार राज्यों के साथ साझेदारी में एक पीएम धन धान्य कृषि योजना शुरू करेगी। मौजूदा योजनाओं और विशेष उपायों के अभिसरण के माध्यम से, कार्यक्रम कम उत्पादकता, मध्यम फसल तीव्रता और औसत से कम क्रेडिट मापदंडों वाले 100 जिलों को कवर करेगा। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक उत्पादकता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं और किसानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ग्रामीण समृद्धि व लचीला कार्यक्रम शुरू करेगी।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार दालों में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल का कार्यक्रम भी शुरू करेगी, जिसमें तुअर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि सब्जियों और फलों के उत्पादन को बढ़ाने तथा लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 कराधान, शहरी विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र, बिजली और नियामकीय ढांचे जैसे छह क्षेत्रों में सुधारों की शुरुआत करेगा।
वित्त मंत्री ने लगातार अपना आठवां बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकास के ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ और संरचनात्मक सुधारों ने वैश्विक स्तर पर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ में गरीबी खत्म होगी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होगी, उच्च गुणवत्ता वाली, सस्ती व व्यापक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं होंगी। सीतारमण ने कहा कि बजट में समावेशी विकास के पथ पर सभी को एक साथ लेकर चलने पर ध्यान दिया गया है।
सरकार ने ‘पीएम धन धान्य कृषि योजना’ का किया ऐलान, 1.7 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ

