भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम लागू करने का फैसला हुआ है। पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने दोपहर भारतीय DGMO को फोन किया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी रोकने पर सहमति बनी। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीनों सेना के प्रमुखों के साथ बैठक खत्म हुई। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने समकक्ष एस जयशंकर को फोन करके पाकिस्तान के साथ तनाव कम करने की अपील की थी। इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान दुर्भावना पूर्ण कार्रवाई करते हुए जानबूझकर आम नागरिकों और चिकित्सा केंद्रों को निशाना बना रहा है।
आपको बता दें कि यह पूरी परिस्थिति पहलगाम में हुए आतंकी घटना के बाद से निर्मित हो रही है। इस हमले में कुल मिलाकर 28 लोग मारे गए थे। भारतीय सेना ने इस हमले के जिम्मेदार आतंकियों से बदला लेते हुए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इसमें कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने लगातार सीमा पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी और गुरुवार शाम को रॉकेट्स से हमला कर दिया।
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा, ‘हमारे अभियान विशेष रूप से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे आतंकवादी ठिकानों पर लक्षित रहे। भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से किसी भी धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाया गया है।’
कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, ‘पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने अपने जेएफ-17 से हमारे एस-400 और ब्रह्मोस मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाया, जो पूरी तरह गलत है। दूसरा, उसने यह भी गलत प्रचार किया कि हमारे सिरसा, जम्मू, पठानकोट, बठिंडा, नलिया और भुज के हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचा, जो भी पूरी तरह गलत है। तीसरा, पाकिस्तान के गलत प्रचार के अनुसार, चंडीगढ़ और व्यास में हमारे गोला-बारूद डिपो को नुकसान पहुंचा, जो भी पूरी तरह गलत है। मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और हमारी सेना भारत के संवैधानिक मूल्यों का एक सुंदर प्रतिबिंब है।’

