नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को हुए जबरदस्त सैन्य टकराव में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने “बुनयान अल-मर्सूस” ऑपरेशन शुरू किया। लेकिन पाकिस्तान का ऑपरेशन महज 8 घंटे में ही ढह गया और उसे अमेरिका से युद्धविराम के लिए गुहार लगानी पड़ी। भारतीय जवानों ने चार ऐसी जबरदस्त एयर स्ट्राइक की, जिसने पाक को घुटनों पर लाने के लिए मजबूर कर दिया था। राफेल और सुखोई से चली मिसाइलों ने पाकिस्तान के एयरबेस चकलाला, जैकबाबाद और भोलारी को हिला दिया। पहली ही स्ट्राइक में पाक की नॉर्दर्न एयर कमांड तबाह हो गई थी।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर पाकिस्तान और उसके आतंकी आकाओं की हेकड़ी निकाल दी। ये सिर्फ हमले नहीं, भारत की ताकत का साफ संदेश था। पहली ही स्ट्राइक में पाकिस्तान की नॉर्दर्न एयर कमांड को चकनाचूर कर दिया गया।
पहली स्ट्राइक से नूर खान एयरबेस तबाह
भारतीय राफेल लड़ाकू विमानों से दागी गई SCALP मिसाइल और सुखोई-30MKI से छोड़ी गई ब्रह्मोस मिसाइलों ने इस्लामाबाद के पास स्थित चकलाला एयरबेस (नूर खान एयरबेस) पर सटीक हमला किया। यहां पाकिस्तान की नॉर्दर्न एयर कमांड का मुख्य नियंत्रण केंद्र था — जो पहले ही हमले में नेस्तनाबूद हो गया।
दूसरी और तीसरी स्ट्राइक में पाकिस्तान की तैयारी ध्वस्त
आगे की स्ट्राइकों में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम, विमान और ग्राउंड असैट्स को निशाना बनाया गया। सटीकता इतनी जबरदस्त थी कि दुश्मन की पलटवार की कोशिशें खुद मलबे में दब गईं।
चौथी और अंतिम स्ट्राइक से जैकबाबाद और भोलारी पर कहर
भारतीय वायुसेना की अंतिम स्ट्राइक ने जैकबाबाद और भोलारी एयरबेस को पूरी तरह जर्जर कर दिया। इन दोनों ठिकानों से पाकिस्तान को जवाबी हमले की उम्मीद थी — लेकिन भारतीय मिसाइलों की बारिश ने उसे घुटनों पर ला दिया।
S-400 और ब्रह्मोस का तांडव
“ऑपरेशन सिंदूर” में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने भी जबरदस्त काम किया और पाकिस्तान की एयरबोर्न वार्निंग सिस्टम SAAB-2000 AEW&C को 315 किलोमीटर दूर तक जाकर मार गिराया।
अमेरिका से गुहार, पाकिस्तान घुटनों पर
इन चार स्टेज की स्ट्राइकों के बाद पाकिस्तान की हालत इतनी बदतर हो चुकी थी कि उसने तुरंत अमेरिका से हस्तक्षेप की अपील कर डाली और युद्धविराम की मांग की। 10 मई को शुरू हुआ ऑपरेशन बुनयान अल-मर्सूस, जिसे पाकिस्तान ने 48 घंटे की कार्रवाई बताया था, वह महज 8 घंटे में दम तोड़ गया।

