जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
महासमुंद, जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने जल संरक्षण-संवर्धन, स्वच्छता तथा 15वें वित्त से स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पिथौरा, बागबाहरा एवं महासमुंद विकासखंड के सचिव एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता
सीईओ नंदनवार ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में उपलब्ध वॉटर स्ट्रक्चर—परंपरागत जल स्रोतों का पुनर्जीवन, तालाब गहरीकरण, सोख्ता निर्माण, स्टॉप-डैम, नाला बंदी जैसे कार्यों—को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जहां नए वॉटर स्ट्रक्चर की जरूरत है, वहां अधिक संख्या में प्रस्ताव भेजने पर जोर दिया गया ताकि स्वीकृति तेजी से मिल सके।
स्वच्छता कार्यों की सतत निगरानी का निर्देश
स्वच्छता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ समाज की नींव होते हैं। पंचायत सचिवों को नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन, नाली सफाई, ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा जन जागरूकता गतिविधियों को लगातार संचालित करने के निर्देश दिए गए।
15वें वित्त से स्वीकृत कार्यों की विकासखंडवार समीक्षा
सीईओ ने 15वें वित्त से संचालित कार्यों की प्रगति का बिंदुवार मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि प्राप्त राशि का उपयोग पेयजल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा आधारभूत ढांचा विकास में समयबद्ध रूप से होना चाहिए। लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।
जनभागीदारी को बताया आवश्यक
उन्होंने सचिवों से कहा कि जल संरक्षण-संवर्धन के प्रति जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन को आदत और परंपरा के रूप में अपनाने की जरूरत है। बैठक में पिथौरा, बागबाहरा और महासमुंद ब्लॉक के सचिवों ने अपने क्षेत्रों की प्रगति एवं चुनौतियों का विवरण प्रस्तुत किया।

