ईरान मान गया, अब वे परमाणु हथियार नहीं रखेंगे; ट्रंप का बड़ा दावा

वाशिंगटन.पिछले 25 दिनों से चल रहे अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने सद्भावना के प्रतीक के रूप में अमेरिका को एक ‘तोहफा’ देने की पेशकश की है। हालांकि ट्रंप ने इस तोहफे का पूरा विवरण नहीं दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि यह बहुत अधिक मूल्य का है और इसका संबंध होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले तेल व्यापार से है। उन्होंने ये भी कहा कि ईरान अब कभी परमाणु हथियार नहीं रखने पर भी राजी हुआ है।
ट्रंप ने वाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि हम इस समय बातचीत कर रहे हैं। इस वार्ता में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ-साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि किसी भी संभावित समझौते की शुरुआत इस शर्त से होगी कि ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम भंडार को अपने कब्ज़े में ले लेगा और दोनों पक्ष इस शर्त पर सहमत दिख रहे हैं। ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया कि यदि कोई समझौता होता है, तो अमेरिका और ईरान संयुक्त रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित कर सकते हैं।
ईरान का इनकार और विरोधाभासी बयान

जहां एक तरफ ट्रंप समझौते को लेकर आशान्वित हैं, वहीं ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज किया है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद-बागेर गालिबाफ और डिप्टी स्पीकर अली निकजाद ने ट्रंप के साथ किसी भी बातचीत से साफ इनकार किया है। निकजाद ने ट्रंप को झूठा करार दिया। ईरान ने अली लारीजानी (जो हाल ही में इजरायली हवाई हमले में मारे गए) की जगह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक कट्टरपंथी अनुभवी नेता मोहम्मद-बागेर जोलघद्र को अपना नया शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा नेता नियुक्त किया है।

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