399 वीर जवानों के बलीदान से साकार हुआ नक्सल मुक्त सुकमा का सपना

सुकमा, 02 अप्रैल। छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला एवं समूचा बस्तर क्षेत्र वर्ष 1980 के दशक से माओवाद के आतंक एवं हिंसक घटनाओं से प्रभावित रहा है। दशकों तक माओवादी हिंसा ने क्षेत्र के विकास, शांति एवं सामान्य जनजीवन को बाधित किया। परंतु सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं सर्वोच्च बलिदान के परिणाम स्वरूप सुकमा ने इतिहास रचते हुए नक्सल मुक्त सुकमा – नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को निर्धारित समय सीमा दिनांक 31 मार्च 2026 को पूर्ण कर लिया है, तथा सुकमा को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है।

जिला सुकमा में शांति, सुरक्षा एवं विकास स्थापित करने के इस लंबे संघर्ष में सुरक्षा बलों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, लगातार माओवादी हमलों, घात लगाकर किए गए आक्रमणों एवं आईईडी विस्फोटों का डटकर सामना किया। इस संघर्ष के दौरान विभिन्न माओवादी घटनाओं में DRG/DEF/STF/COBRA/CRPF के 373 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया तथा लगभग 547 जवान घायल हुए। इन वीर सपूतों के त्याग, समर्पण एवं अदम्य साहस ने आज सुकमा को भयमुक्त और विकास की राह पर अग्रसर किया है। आज जिन क्षेत्रों में कभी माओवादी हिंसा का प्रभाव था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, प्रशासनिक सेवाएं एवं विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। यह उपलब्धि केवल सुरक्षा की सफलता नहीं, बल्कि उन अमर शहीदों की प्रेरक गाथा है, जिन्होंने देश की एकता, अखंडता एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। जिला सुकमा पुलिस सभी अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है तथा उनके परिजनों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करती है। शहीदों का बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा और सुरक्षित, शांत एवं विकसित सुकमा ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिला सुकमा 1980 से 31 मार्च 2026 तक कुल मुठभेड़ – 469, कुल आईईडी विस्फोटों की घटनाएं –142, कुल जवान शहीद – 399, कुल घायल जवान – 550

प्रमुख माओवादी घटनाएं जिनमें शहादत हुई:-

▪️(14.02.1989) थाना गोलापल्ली रामन्ना दलम के सशस्त्र नक्सलियों द्वारा हमला। ग्राम पालाचलमा स्थित एसएएफ (SAF) पोस्ट पर हथियार लूटने और जवानों को नुकसान पहुँचाने की नीयत से यह हमला किया था।

▪️(28.04.1989)जगरगुण्डा क्षेत्र: चिन्तलनार से दोरनापाल के मध्य पेट्रोलिंग से लौट रही पुलिस टीम पर ग्राम कांकेरलंका नाका के पास नक्सलियों ने हमला किया। इस गोलीबारी में एपीसी तारासिंह, चालक आर. सुरेन्द्र और आर. राजकुमार घायल हुए। जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली भाग गए और मौके से एक ट्रांजिस्टर व कारतूस बरामद किए गए।

▪️(26.08.1991)थाना कोन्टा क्षेत्र: एसडीओपी कोन्टा के नेतृत्व में जा रहे बल के वाहन को नक्सलियों ने इंजरम-भेजी मार्ग पर लैंडमाइन विस्फोट से उड़ा दिया। विस्फोट के बाद नक्सलियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसका पुलिस ने कड़ा जवाब दिया घटना में 06 जवान शहीद हुए थे।

▪️(04.06.1992)थाना गोलापल्ली क्षेत्र : गोलापल्ली से दन्तेवाड़ा की ओर जा रहे पुलिस वाहन को नक्सलियों ने लिगनपल्ली के पास बम विस्फोट कर उड़ा दिया। इस भीषण हमले में 18 जवान शहीद हुए और 2 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए। घटना के बाद नक्सली हथियार लूट ले गए।

▪️(03.07.1996)थाना चिन्तागुफा क्षेत्र : पिड़मेल पोस्ट से साप्ताहिक बाजार की सुरक्षा हेतु जा रही पुलिस पार्टी पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। नक्सलियों ने सुरंग बिछाकर विस्फोट किया और फायरिंग की, जिसमें 01 जवान शहीद एवं 01 घायल हुए।

▪️01.06.2005 (ग्राम इंजरम बंडा नाला): नक्सलियों द्वारा शक्तिशाली बारूदी सुरंग विस्फोट (IED) और फायरिंग की गई, जिसमें सहायक सेनानी सहित 06 जवान शहीद हो गए.

▪️06.02.2006 (ग्राम कोत्ताचेरू): रोड ओपनिंग ड्यूटी पर तैनात नागा आर्म्स फोर्स के वाहन को IED विस्फोट से उड़ा दिया गया, जिसमें 09 जवान शहीद हुए और 09 घायल हुए.

▪️01.03.2007 (ग्राम मेटागुड़ा): एक ट्रक को बम ब्लास्ट से उड़ाने और फायरिंग की घटना में 04 नागा जवान, 02 SPO और ट्रक चालक/परिचालक सहित 08 लोग शहीद हुए.

▪️09.07.2007 (उपलमेटा पहाड़ी): पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में जिला बल, CRPF और SPO सहित कुल 23 जवान शहीद हुए.

▪️29.08.2007 (ताड़मेटला): नक्सलियों के एम्बुश में फंसने और अंधाधुंध फायरिंग के कारण थाना प्रभारी हेमंत कुमार सिंह सहित 12 जवान शहीद हो गए.

▪️20.12.2007 (तारलागुड़ा नाला): पुलिस पार्टी पर नक्सलियों के हमले और जवाबी कार्रवाई के दौरान 12 जवान शहीद हुए.

▪️18.06.2008 (मुरलीगुडा के पास): बिजली सुधरवाने जा रही पार्टी पर हुए एम्बुश में प्रधान आरक्षक दशरू राम भोगामी और 03 SPO सहित कुल 08 जवान शहीद हुए.

▪️10.04.2009 (मिनपा जंगल): नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में CRPF के उप सेनानी सहित 10 अधिकारी/कर्मचारी शहीद हुए.

▪️06.05.2009 (आसिरगुडा मुख्य मार्ग): IED विस्फोट में CRPF के 02 जवान, 05 SPO और 04 ग्रामीणों सहित कुल 11 लोगों की मृत्यु हुई.

▪️20.06.2009 (ग्राम कोकावाड़ा): नक्सलियों द्वारा ट्रक को बारूदी विस्फोट से उड़ाने के कारण CRPF के 11 जवान शहीद हुए.

▪️16-19.09.2009 (सिंगनमड़गू): ‘ऑपरेशन रेड हन्ट’ के दौरान हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन और जिला बल के 06 जवान शहीद हुए

▪️06.04.2010 (ताड़मेटला पहाड़ी): एक बड़ी नक्सली मुठभेड़ और बुलेट-प्रूफ वाहन के विस्फोट में CRPF के 75 और जिला पुलिस बल का 01, यानी कुल 76 जवान शहीद हुए.

▪️17.05.2010 (चिंगावरम पुलिया): यात्रियों से भरी बस को IED विस्फोट से उड़ाने की घटना में 11 आरक्षक, 01 SSB फील्ड असिस्टेंट, 04 SPO सहित 16 जवान और 15 नागरिक शहीद/मृत हुए

▪️17.05.2011 (ग्राम बोरगुड़ा): CRPF के काफिले पर हुए IED विस्फोट में 07 जवान शहीद हुए.

▪️11.03.2014 (टाहकवाड़ा): ROP ड्यूटी के दौरान हुए हमले और मुठभेड़ में CRPF के 11 और जिला बल के 04 जवान सहित 15 जवान शहीद हुए और 01 नागरिक की मृत्यु हुई.

▪️01.12.2014 (ग्राम कसालपाड़): स्पेशल अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग में CRPF के उप कमाण्डेंट सहित 14 जवान शहीद हुए.

▪️11.04.2015 (पिड़मेल-जग्गावरम): पुलिस और नक्सलियों के बीच लंबे समय तक चली मुठभेड़ में 07 जवान शहीद हुए.

▪️11.03.2017 (भेजी-कोत्ताचेरू): रोड निर्माण सुरक्षा के दौरान हुए IED विस्फोट और मुठभेड़ में CRPF के 12 जवान शहीद हुए.

▪️24.04.2017 (बुरकापाल-चिंतागुफा): नक्सलियों द्वारा किए गए भारी हमले और अंधाधुंध फायरिंग में CRPF 74 वाहिनी के 25 जवान शहीद हुए.।

▪️ 13.03.2018 (कांसाराम नाला): एंटी-लैंडमाइन वाहन (MPV) को IED विस्फोट से उड़ाने की घटना में 09 जवान शहीद हुए.

▪️ वर्ष 2020 – मिनपा चिंतागुफा हमला, 17 जवान शहीद।

▪️वर्ष 2021 – टेकलगुडेम हमला, 22 जवान शहीद।

▪️वर्ष 2023 – जगरगुंडा आश्रम के पास हमला, 03 जवान शहीद।

▪️ वर्ष 2024 – टेकलगुडम कैंप स्थापना दौरान हमला, 03 जवान शहीद

▪️ वर्ष 2025 – पोकलेन आगजनी सूचना पर कार्रवाई के दौरान ASP आकाश राव IED ब्लास्ट में शहीद

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