नई दिल्ली। ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करने पहुंचे और उन्होंने पाकिस्तान व चीन का नाम लिए बगैर पहलगाम आतंकी हमले पर दोनों देशों को आड़े हाथों लिया। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के पीड़ितों और समर्थकों को एक ही तराजू में नहीं तोलना चाहिए। पीएम मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में कहा कि आतंकवाद आज मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने शांति और सुरक्षा के मुद्दे पर बात की और मानवता के लिए इसे सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ब्रिक्स समम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले का एक साझा बयान भी जारी किया गया है।
17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बहुपक्षवाद, आर्थिक-वित्तीय मामलों और कृत्रिम मेधा को सुदृढ़ करने’ पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समूह की ताकत इसकी विविधता और बहुध्रुवीयता के प्रति साझा प्रतिबद्धता में निहित है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समूह की विविधता और बहुध्रुवीयता में हमारी दृढ़ आस्था ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमें विचार करना होगा कि आने वाले समय में ब्रिक्स किस प्रकार एक बहुध्रुवीय विश्व के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति बन सकता है।’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक मंच पर गंभीरता से लिए जाने के लिए ब्रिक्स को पहले अपने आंतरिक ढांचे और प्रणालियों को सुदृढ़ करना होगा। प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा सबसे पहले, हमारे अपने तंत्रों को बेहतर बनाने पर जोर होना चाहिए, ताकि जब हम बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की बात करें तो हमारी विश्वसनीयता भी मजबूत हो।
BRICS ने कर दिया बड़ा ऐलान, पाकिस्तान को तगड़ा तमाचा!

