चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में रुपया दमदार वापसी कर सकता है और डॉलर के मुकाबले इसकी कीमत में मजबूती देखने को मिल सकती है। यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की ओर से बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। एसबीआई रिसर्च ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में देरी के कारण हाल के महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत के व्यापार आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश ने लंबे समय तक बनी रहने वाली अनिश्चितता, बढ़ते संरक्षणवाद और श्रम आपूर्ति में आए झटकों का मजबूती से सामना किया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्या कांती घोष ने कहा, “जियोपॉलिटिकल रिस्क इंडेक्स अप्रैल 2025 से कम हुआ है और अप्रैल-अक्टूबर 2025 की अवधि के लिए इस इंडेक्स का मौजूदा औसत अपने दशकीय स्तर से ऊपर बना हुआ है। यह इंडेक्स दर्शाता है कि वैश्विक अनिश्चितताएं भारतीय रुपए पर कितना दबाव डाल रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि रुपया फिलहाल गिरावट के दौर से गुजर रहा है, लेकिन जल्द ही इससे बाहर निकलने की संभावना है। डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार गिरावट देखी गई है और यह अपने मनोवैज्ञानिक स्तर 90 को पार करते हुए 91 के स्तर तक पहुंच गया था।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में रुपया की दमदार वापसी संभव : एसबीआई रिपोर्ट

