नई दिल्ली। इजरायल और हमास के बीच ट्रंप के 20 सूत्रीय समझौते के तहत दूसरे चरण की प्रक्रिया जारी है। ट्रंप की अध्यक्षता में इस बोर्ड में कई देश शामिल हो चुके हैं, वहीं कई देश अब भी इसमें शामिल होने के फैसले पर विचार कर रहे हैं। भारत उनमें से एक है।
इस बीच भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बातचीत में बताया कि ट्रंप का 20 सूत्रीय संघर्ष विराम समझौता गाजा में कितना असरदार है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो वहां कैसे हालात होंगे। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक स्तर पर पीएम मोदी के नेतृत्व और प्रभाव को लेकर भी बातें की।
गाजा में संघर्ष विराम कितना असरदार है? इस पर इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने कहा, “गाजा के लिए 20-सूत्रीय ट्रंप प्लान, मुझे लगता है कि इस समय हमारे पास गाजा में बाकी चुनौतियों को डिप्लोमैटिक तरीके से हल करने का सबसे अच्छा मौका है। जब मिलिट्री की बात आती है तो इजरायल ने काफी अच्छा काम किया है और हम हमास की ज्यादातर मिलिट्री मशीन को खत्म करने में कामयाब रहे हैं। हमने गाजा के आधे से ज्यादा इलाके पर कब्जा कर लिया है और इस 20-पॉइंट प्लान को अपनाकर, हमास डीमिलिटराइज करने के लिए तैयार है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि वे डिप्लोमैटिक तरीकों से डीमिलिटराइज करें। उन्हें यही करना है। बदकिस्मती से, अब वे इससे पीछे हट रहे हैं, लेकिन हमें भरोसा है कि अमेरिका और बोर्ड ऑफ पीस के देश हमास पर डीमिलिटराइज करने के लिए दबाव डालेंगे ताकि हम गाजा पट्टी के पुर्ननिर्माण में लग सकें, क्योंकि जब तक आतंकवादी संगठन उस जगह पर कब्जा बनाए रखेंगे और इलाके में स्थिरता के लिए खतरा बने रहेंगे, तब तक कोई भी गाजा पट्टी में निवेश करने के लिए राजी नहीं होगा।”

