मिडल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रही जंग का असर अब पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचने लगा है. गिलगित-बाल्टिस्तान के वरिष्ठ राजनेता शफका अली इंकलाबी ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताई है.
इंकलाबी ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की शहादत के बाद पैदा हुए हालात का सीधा असर पाकिस्तान, विशेषकर गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों पर पड़ा है.
शफका अली इंकलाबी के मुताबिक, मिडिल-ईस्ट संकट का सबसे बड़ा और तत्काल प्रभाव पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में देखने को मिला है. उन्होंने बताया कि इस बार पेट्रोल की कीमत में अचानक 55 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है.
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