भिलाई। महासभा प्रदेश और जिला इकाई दुर्ग ने पिछले 32 वर्षों से छत्तीसगढ़ में ओबीसी वर्ग के लंबित 27% आरक्षण को पारित कराने की मांग की उन्होंने मांग को लेकर संयुक्त कलेक्टर एस. थॉमस को ज्ञापन भी दिया सदस्यों ने बताया कि बहुसंख्यक समुदाय ओबीसी वर्ग को आबादी के अनुरूप आरक्षण नहीं मिलने से प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास और उत्थान में नुकसान हो रही है। शासन द्वारा 2 दिसंबर 2022 को आरक्षण संशोधन विधेयक पारित किया गया, जिसमें अजा को 13%, अजजा को 32%, ओबीसी को 27% तथा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को 4% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अतः छत्तीसगढ़ में ओबीसी समुदाय के समग्र विकास के लिए 27% आरक्षण अति जल्द लागू किया जाना चाहिए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष खिलेश्वरी, युगल किशोर, योगेश्वर मानिकपुरी, मुक्तानंद, राजेश विश्वकर्मा, कांति मौर्य चंद्रभान ठाकुर, अनु जांगड़े, ममता, कनकलता उपस्थित थे
ओबीसी वर्ग के लंबित 27 प्रतिशत आरक्षण को पारित कराने की मांग

