मेले की वास्तविक गरिमा जनता की आस्था, विश्वास और सहभागिता – कौशल्या देवी साय

राजिम कुंभ कल्प के 13वें दिन महानदी की महाआरती में शामिल हुईं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय


राजिम।
 राजिम कुंभ कल्प के 13वें दिन आध्यात्मिक आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय कुंभ मेले में पहुंचीं और महानदी महाआरती में सहभागी बनीं। त्रिवेणी संगम तट पर आयोजित इस भव्य आयोजन में श्रीमती साय ने साधु-संतों के साथ पूरे विधि-विधान से महानदी की आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। श्रीमती कौशल्या देवी साय ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों की उन्नति एवं कल्याण की प्रार्थना की।
जबलपुर से पधारी साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में ग्यारह पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती संपन्न कराई। आरती घाट पर ज्यों ही आरती प्रारंभ हुई, शंखनाद, कपूर की सुगंध, दीपों की लौ से पूरा परिसर भक्ति रस में डूब गया। एक साथ प्रज्वलित आरती दीप और वैदिक मंत्रों की गूंज ने त्रिवेणी संगम को अलौकिक बना दिया। उपस्थित श्रद्धालु इस दिव्य दृश्य के साक्षी बने।
कुंभ की सफलता जनता की आस्था से – कौशल्या देवी साय
महानदी की आरती के बाद श्रीमती साय मुख्यमंच पहुंची और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद उठाया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के बड़े-बड़े कुंभ मेलों में पहुंच पाना हर किसी के लिए संभव नहीं होता, कई लोग इच्छा होने के बावजूद दूरियों के कारण नहीं जा पाते। लेकिन अब छत्तीसगढ़ के प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कुंभ कल्प के माध्यम से प्रदेशवासियों को अपने ही राज्य में संतों का सानिध्य और आध्यात्मिक वातावरण प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प की सफलता का श्रेय यहां उपस्थित श्रद्धालुओं और जनसहभागिता को जाता है। शासन और प्रशासन केवल व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर सकते हैं, किंतु मेले की वास्तविक गरिमा जनता की आस्था, विश्वास और सहभागिता से ही बढ़ती है। इस अवसर पर राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि सहित गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्रकार, प्रशासनिक अधिकारी, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या श्रद्धालुगण शामिल हुए।

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