अमेरिका लापता पायलट की तलाश में तेजी से जुटा हुआ है। यह पायलट उस लड़ाकू विमान में था, जिसे ईरान के ऊपर मार गिराया गया। इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है और हालात ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं।
कल शनिवार को अमेरिकी सेना ने एफ-15 लड़ाकू विमान के एक सदस्य को ढूंढने के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी रखा। यह विमान ईरान के ऊपर मार गिराया गया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दुश्मन की गोलीबारी में अमेरिका के दो युद्धक विमान गिराए गए थे। इनमें से एक सदस्य को बचा लिया गया, लेकिन दूसरा अब भी लापता है।
यह पहली बार है जब इस युद्ध के दौरान किसी अमेरिकी विमान को ईरान की सीमा के अंदर मार गिराया गया है। इससे अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इससे युद्ध और गहरा हो सकता है।
बचाव अभियान भी आसान नहीं है। इस मिशन में शामिल अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान की तरफ से हमला किया गया, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया में लापता अमेरिकी कर्मी को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा भी की गई है।
इसी बीच, एक ए-10 जेट पर भी निशाना बनाया गया, लेकिन उसका पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा और बाद में उसे बचा लिया गया। दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को खोले, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि “समय तेजी से खत्म हो रहा है और 48 घंटे में हालात बहुत खराब हो सकते हैं।”
इसके जवाब में ईरान की सेना ने भी कड़ी चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो “नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।”

