नकली दवा घोटाले में अधिकारी की मिलीभगत का आरोप, NSUI ने EOW और स्वास्थ्य मंत्री से की कड़ी कार्रवाई की मांग
रायपुर, नकली दवाओं के गंभीर प्रकरण ने छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मामले में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम पर आरोपी दवा व्यापारी से गुप्त बैठक करने के आरोप सामने आने के बाद NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने सख्त रुख अपनाया है और शासन प्रशासन से तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है।
NSUI के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के DIG गोवर्धन ठाकुर से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। संगठन ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि जांच में हस्तक्षेप, आरोपी से सांठगांठ और आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ से जुड़ा गंभीर अपराध है।
ज्ञापन के माध्यम से NSUI ने मांग की कि:
• असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए
• उनकी चल-अचल संपत्तियों की जांच हो
• मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जाए
• बैंक खातों के लेन-देन की जांच हो
• साक्ष्यों से छेड़छाड़ रोकने के लिए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाया जाए
DIG गोवर्धन ठाकुर ने मामले की गंभीरता स्वीकार करते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद NSUI कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जसवाल के निवास पहुंचे और वहां भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। संगठन ने स्पष्ट कहा कि नकली दवाओं जैसे संवेदनशील मामले में यदि जिम्मेदार अधिकारी ही आरोपियों को संरक्षण देंगे, तो यह सीधे आम नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जनहित में सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान जिला अध्यक्ष शान्तनु झा के नेतृत्व में प्रदेश महासचिव निखिल बघेल, महामंत्री सूरज साहू, उपाध्यक्ष भोजराज, विमल साहू, अभिनव सोनकर, अथर्व, नवीन, अनिल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

