नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर कहा कि यह अधिनियम आज के ऊर्जा युग के लिए 1948 के कानून का आधुनिकीकरण करता है।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। अधिनियम एक समान पेट्रोलियम लीज सिस्टम को पेश करता है। इसके अलावा, यह सीबीएम, शेल गैस, टाइट ऑयल, गैस हाइड्रेट्स का दायरा बढ़ाता है। साथ ही, तेजी से अप्रूवल मिलने, इंफ्रा-शेयरिंग को लेकर निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। इस अधिनियम के तहत तेल क्षेत्र में सोलर और हाइब्रिड सिस्टम को अनुमति दी जा रही है।” तेल क्षेत्र अधिनियम 2025 को लेकर शेयर किए गए वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में सरकार द्वारा तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास संशोधन) अधिनियम 2025 के रूप में एक ऐतिहासिक सुधार पेश किया गया। यह अधिनियम भारत के तेल और गैस सेक्टर को नई दिशा, नया अनुशासन और एक हरित भविष्य देता है।
नए अधिनियम के साथ नियम आसान होने जा रहे हैं। यह पुराने माइनिंग लीज को एक आधुनिक पेट्रोलियम लीज से बदलता है ताकि कंपनियां एक जैसे नियमों के तहत तेल और गैस की खोज और उत्पादन कर सकें।इसके अलावा, अधिनियम मिनरल ऑयल की परिभाषा का विस्तार करता है, जिसमें कोल बेड मीथेन, शेल गैस, टाइट ऑयल और गैस हाइड्रेट्स शामिल हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के नए घरेलू स्रोत खुलते हैं।
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

