आराध्य देवी मांई दंतेश्वरी के दर्शन के साथ नव वर्ष की शुरूआत

दंतेवाड़ा 01 जनवरी। नव वर्ष के मंगलमय होने की कामना के साथ नया वर्ष 2026 के पहले दिन गुरूवार को हजारों लोगों ने मांईजी के मंदिर पहुंचकर अपनी आराध्य देवी मां के दर्शन पूजन किए। दंतेवाड़ा ही नहीं बल्कि प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने आज दंतेश्वरी मांई के चरणों में नमन किया और नव वर्ष की शुरूआत की। लंबी कतारों में लोग सुबह से ही दर्शन के लिए खड़े नजर आए। नव वर्ष का पहला दिन आज मांईजी के मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़ को देख आज नवरात्रि जैसा माहौल दिखाई पड़ा। भक्ति और आस्था का यह सैलाब आज ही नहीं बल्कि पिछले पखवाड़े भर से दंतेश्वरी शक्ति पीठ में उमड़ रहा है। पर्यटक बड़ी संख्या में दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं और मांईजी की पूजा अर्चना कर अपने को धन्य कर रहे हैं।

गौरतलब है कि प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी नूतन वर्ष पर उठकर सबसे पहले भक्तों ने स्नान आदि से निवृत्त होकर सीधे अपनी आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर पर पहुंच मां भगवती देवी से अपने और अपने परिवारजनों की कुशलता एवं आरोग्य, निरोग रहने का आर्शीवाद मांगा। नए वर्ष की सुबह से ही मांईजी के मंदिर में भक्तों की अपार भीड़ लगी रही। दोपहर 12 बजे तक लोग कतारों में खड़े होकर बारी बारी से दर्शन करते रहे। दंतेश्वरी मंदिर के अलावा शहर के विभिन्न मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ रही। नये साल के सुअवसर पर कई भक्त शिव मंदिर, शनि मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर एवं हनुमान मंदिर में पहुंचकर पूजा, अनुष्ठान कर नये वर्ष अच्छे से बीत जाए इसकी कामना ईश्वर से किए। बता दें कि कोई भी तीज त्यौहार हो नगरवासी सबसे पहले वे मांईजी का ही दर्शन पूजन कर उनसे आर्शीवाद लेते हैं उसके उपरांत ही कोई दुसरा काम करते हैं। स्थानीय भक्तों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु अन्य जगहों से तथा पड़ोसी राज्यों से भी बहुतायात संख्या में मांई के दर्शन पूजन के लिए आ रहे हैं। दंतेश्वरी मंदिर परिसर में नव निर्मित कारीडोर, रीवर फ्रंट, ज्योति कलश भवन, विशाल हनुमान की प्रतिमा एवं नदी घाट की तरफ सौंदर्यकरण हो जाने से शक्ति पीठ की सुंदरता, भव्यता देखते ही बनती है। जय स्तंभ से लेकर मंदिर के प्रवेश द्वार तक आकर्षक शैली में डोम बनाया गया है ताकि भक्तों को धूप, बारिश में भी सुरक्षित तरीके से खड़े रहकर मांता के दर्शन पूजन कर सकें। कारीडोर बनने के बाद मंदिर की भव्यता में और भी बढोतरी हुई है। रोजाना हजारों की संख्या में दूर दराज क्षेत्रों से भक्त दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं। आज नव वर्ष का पहला दिन होने से श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ी है जिसे देख ऐसा लग रहा है मानो कोई मेला लगा हो। बाहर से आए पर्यटक और श्रद्धालु काफी खुश हैं उनसे पुछने पर कहा कि सचमुच में यहां कदम रखते ही ऐसा लगा जैसे वाकई में किसी शक्तिपीठ में आने की हमें अनुभूति हुई है। एक भक्त ने अपना अनुभव साझा करते कहा कि उन्हें यहां आकर काफी शांति की अनुभूति प्राप्त हो रही है। श्रद्धालुओं ने एक समस्या अवश्य बताया कि यहां उन्हें और किसी प्रकार की दिक्कत तो नहीं हो रही मगर रूकने के लिए धर्मशाला वगैरह में माकुल व्यवस्था नहीं होने से ये देखकर उन्हें निराशा हुई। बता दें कि दंतेवाड़ा में दो धर्मशाला टेम्पल कमेटी द्वारा संचालित की जा रही है। धर्मशाला में पर्याप्त सुविधा एवं साफ सफाई नहीं होने से यहां रूकने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है मजबूरन लोगों को लॉज या रैन बसेरा में जाकर ठिकाना लेना पड़ता है। टेंपल कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित और हर प्रकार की सुविधा से लैस एक भक्त निवास धर्मशाला का निर्माण हो रहा है जो अभी निर्माणाधीन है जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा जिसके बाद भक्तों को रूकने की कोई समस्या नहीं होगी। पुराने धर्मशालाओं को भी व्यवस्थित किया जाएगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालु मांईजी के दर्शन पूजन के बाद पौराणिक नगरी बारसूर का भी रूख कर वहां बत्तीसा मंदिर, युगल गणेश मंदिर, मामा भांचा मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर का भी दर्शन पूजन कर सुख शांति, समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

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