नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को अत्याधुनिक डीपीएसयू भवन का उद्घाटन किया और आत्मनिर्भरता तथा सहयोग की भावना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (Defence PSUs) के बीच तीन महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हुए हस्ताक्षरों की अध्यक्षता की। कार्यक्रम के दौरान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) के साथ दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य YIL के आधुनिकीकरण को सहयोग देना और 10,000 टन क्षमता वाले फॉर्जिंग प्रेस संयंत्र की स्थापना करना है, जो रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में उपयोग होने वाले एल्युमिनियम अलॉय की आयात निर्भरता को कम करने की दिशा में अहम कदम है। HAL ने YIL को 435 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त अग्रिम देने की प्रतिबद्धता जताई है, जबकि BDL अगले दस वर्षों में 3,000 मीट्रिक टन तक के सतत कार्यभार की आपूर्ति करेगा। तीसरा एमओयू एमआईडीएचएएनआई (MIDHANI) में मेटल बैंक की स्थापना के लिए किया गया, ताकि राष्ट्रीय महत्व की रक्षा परियोजनाओं के लिए आवश्यक कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कई आरएंडडी (R&D) पहल भी शुरू कीं, जिनमें HAL R&D मैनुअल प्रमुख है। इसका उद्देश्य अनुसंधान और विकास तंत्र को डिजिटलीकरण, बौद्धिक संपदा सृजन और भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से मजबूत करना है। डीपीएसयू का आरएंडडी रोडमैप मौजूदा और भविष्य की रणनीतियों को एकीकृत करता है, जिससे लाइसेंस आधारित उत्पादन से स्वदेशी डिजाइन और विकास की दिशा में बदलाव संभव हो सके — यह रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीपीएसयू भवन का किया उद्घाटन , तीन अहम एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

