रायपुर, नकली दवाओं के कथित मामले में कार्रवाई न होने से नाराज़ NSUI कार्यकर्ताओं ने गुरुवार दोपहर रायपुर तहसील कार्यालय स्थित असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम के कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता अपने साथ 5 लाख रुपये नकद से भरा ब्रीफकेस लेकर पहुंचे थे। संगठन का दावा है कि यह राशि प्रतीकात्मक रूप से अधिकारी को “रिश्वत छोड़कर ईमानदारी से काम करने” का संदेश देने के लिए लाई गई थी।
NSUI नेताओं के अनुसार, जैसे ही कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचे, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम ने कार्यालय में ताला लगाकर स्थान छोड़ दिया। संगठन ने इसे जवाबदेही से बचने की कोशिश बताया है।
जिला अध्यक्ष शान्तनु झा ने कहा कि यह 5 लाख रुपये उनके कृषक पिता द्वारा घर निर्माण के लिए वर्षों में जोड़ी गई राशि है, जिसे उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में जनता के हित में प्रतीकात्मक रूप से देने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि उद्देश्य प्रशासन और सरकार का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करना है।
NSUI का आरोप है कि लगभग दस दिन पहले संजय नेताम को रायपुर के एक निजी कैफे में नकली दवाइयों के कथित कारोबारी के साथ देखा गया था, जिसकी तस्वीरें मीडिया में सामने आई थीं। इस संबंध में संगठन ने EOW और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जसवाल को शिकायत सौंपी थी। NSUI का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने सात दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
संगठन ने मांग की है कि नकली दवा कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण देना बंद किया जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तथा असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम को तत्काल निलंबित किया जाए।
प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष शान्तनु झा, प्रदेश महासचिव निखिल बघेल, महामंत्री सूरज साहू, जिला उपाध्यक्ष सय्यद नूर, उत्कर्ष, तारिक अनवर, डीकेंद्र सिन्हा, संस्कार पांडे, अभिनव, ऐश्वर्य, गोपाल वर्मा, विमल साहू, संदीप बंजारे, अभिषेक, कपिल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

