–अल्ट्रा टेक सीमेंट बैकुंठ में 33 वा दीक्षांत समारोह सम्पन्न –

* अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र, मार्कशीट और 2000रूपये की छात्रवृत्ति छात्रों को दिया गया *
तिल्दा नेवरा .अल्ट्राटेक कम्युनिटी वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा संचालित व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बैकुंठ में 33 वा दीक्षांत समारोह मुख्य अतिथि अल्ट्राटेक बैकुंठ के टेक्निकल हेड राजीव सिंघल, सिक्योरिटी एवं एडमिन अभिषेक तिवातिया,एबीपीएस स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती संगीता क्रिस्टोफर एवं सीजी बोर्ड स्कूल के प्रिंसिपल अवधेश पांडे एवं ग्राम पंचायत कुंदरू के सरपंच यशवंत वर्मा, बहेसर सरपंच प्रतिनिधि सेवक राम बर्मन एवं ग्राम पंचायत टंडवा सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार वर्मा के आथित्य में उत्साह पूर्वक मनाया गया इस सत्र में 56 छात्रों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया/ यह प्रशिक्षण केंद्र सन 1992 से संचालित है अभी तक लगभग 33 बैच हो चुके हैं और 34 व बैच चल रहा है जिसमें अभी तक 2083 छात्रों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य को आगे बढ़ा चुके हैं यह प्रशिक्षण केंद्र ऐसे युवकों के लिए प्रारंभ किया गया है जो अपने पारिवारिक आर्थिक स्थिति या किसी अन्य के कारण से आगे की शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए वह समाज में मजदूर बनकर रह जाते हैं उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ किया गया था अल्ट्राटेक बैकुंठ के टेक्निकल हेड राजीव सिंघल ने अपने उद्बोधन में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बारे में संक्षेप में बताया छात्रों को अपनी शक्ति की पहचानने की ओर मार्गदर्शन किये ;वहीं एबीपीएस स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती संगीता क्रिस्टोफर एवं सीजी बोर्ड स्कूल के प्रिंसिपल अवधेश पांडे जी ने छात्रों को कैसे अपने स्किल को और आगे तक ले जाने हैं उसके बारे में जानकारी दी सरपंच यशवंत वर्मा ने कहा कि युवाओं के विकास में नशा बहुत बड़ा प्रभाव डालता है अतः आप लोगों से इससे दूर रहने की आवश्यकता है , कार्यक्रम का संचालन सी एस आर अधिकारी श्रीमती सोनाली के द्वारा किया गया उक्त कार्यक्रम की व्यवस्थासी एस आर टीम के दीपेंद्र कुमार मिश्रा,सीडी लहरे , मुन्नालाल बर्मन, श्रीमती निरुपमा कश्यप एवं सुश्री खुशबू धुरंधर द्वारा की गई कार्यक्रम में संस्था के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षकगण, प्रशिक्षणार्थी एवं भूतपूर्व प्रशिक्षार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। समारोह का उद्देश्य प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को उनके व्यावसायिक जीवन की नई शुरुआत के लिए प्रोत्साहित करना था।
इस दीक्षांत समारोह का मुख्य उद्देश्य भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की नींव रखना और युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देना था। यह पहल देश में कुशल कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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