एथेंस. दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश ग्रीस ने घटती आबादी से परेशान होकर जनसंख्या बढ़ाने के मकसद से 1.6 अरब यूरो के पैकेज का ऐलान किया है। इस पैकेज में सरकार ने अधिक बच्चे पैदा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स में छूट देने के अलावा अन्य उपायों की भी घोषणा की है। ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ने रविवार को नई नीतियों की घोषणा करते हुए कहा कि 1.6 अरब यूरो (16,563 करोड़ रुपये) का राहत पैकेज देश की मौजूद सबसे बड़ी चुनौती यानी घटती जनसंख्या से निपटने के लिए तैयार किया गया है। जनसंख्या आंकड़ों के हिसाब से भूमध्यसागरीय देश ग्रीस यूरोप का सबसे बूढ़ा देश बनने की कगार पर है। लिहाजा, वहां की सरकार ने आबादी बढ़ाने के मकसद से नए उपायों की घोषणा की है। नए नियमों में कहा गया है कि अगर किसी परिवार में चार बच्चे हैं तो उसे टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाएगा। यानी उस परिवार को टैक्स नहीं देना होगा। नए नियम 2026 से लागू होंगे। नई नीति में कहा गया है कि जिन बस्तियों में आबादी 1500 से कम है, वहां के लोगों को अन्य टैक्स से भी छूट दी जाएगी और इससे होने वाले घाटे को राजकोष से पूरा किया जाएगा।
अधिक बच्चे पैदा करने वालों को पुरस्कार
‘द गार्डियन’ के मुताबिक प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने नीतियों की घोषणा के बाद कहा, “हम जानते हैं कि अगर आपका कोई बच्चा नहीं है तो जीवनयापन की लागत एक बात है और अगर आपके दो या तीन बच्चे हैं तो दूसरी बात है। इसलिए, एक देश के रूप में हमें अपने उन नागरिकों को पुरस्कृत करने का कोई तरीका खोजना चाहिए जो अधिक बच्चे पैदा करने का विकल्प चुनते हैं।”
ग्रीस में प्रजनन दर यूरोप में सबसे कम
दरअसल, पर्यटन की दृष्टि से खूबसूरत ग्रीस में प्रजनन दर यूरोप में सबसे कम है। वहां प्रति महिला 1.4 बच्चों का प्रजनन दर है जो औसत प्रजनन दर 2.1 से काफ़ी नीचे है। प्रधानमंत्री मित्सोताकिस ने इस समस्या को “राष्ट्रीय ख़तरा” बताया है। यूरोस्टेट के अनुसार, ग्रीस की जनसंख्या वर्तमान 1.02 करोड़ है जो 2050 तक घटकर 80 लाख से भी कम हो जाएगी। इनमें भी 36% आबादी 65 वर्ष से अधिक आयु की होगी। जनसंख्या में भारी गिरावट की बात को स्वीकार करते हुए वहां के वित्त मंत्री किरियाकोस पियराकाकिस ने कहा कि यह उनके अस्तित्व पर एक बड़ा खतरा है।

