ढाका। बांग्लादेश इस समय गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण यह संकट और गहरा गया है। स्थिति से निपटने के लिए एक तरफ बांग्लादेश भारत से पाइपलाइन के जरिए डीजल आयात कर रहा है, तो दूसरी तरफ देश में बिजली और ईंधन बचाने के लिए सख्त सरकारी आदेश जारी किए गए हैं।
बांग्लादेश को भारत की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से ‘भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन’ के जरिए 7000 टन डीजल की एक नई खेप प्राप्त हो रही है। इस ईंधन की सप्लाई शनिवार शाम से शुरू हो गई है और मंगलवार तक इसके पूरी तरह से डिलीवर होने की उम्मीद है। इससे पहले 25 मार्च को 5,000 टन की खेप आई थी, जिसके बाद 15,000 टन डीजल पाइपलाइन के माध्यम से लाया जा चुका है।
खाड़ी देशों के आयात पर अत्यधिक निर्भर रहने वाले बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद टुकू ने सोमवार को संसद में स्पष्ट किया कि वर्तमान संकट में आपूर्ति की कमी से बड़ी समस्या ईंधन की ‘जमाखोरी’ है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन समुद्री मार्गों के साथ-साथ पाइपलाइन के जरिए होने वाले आयात को प्राथमिकता दे रहा है ताकि आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके।
बांग्लादेश के हालात खराब,

