ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनका प्रशासन सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ ‘गंभीर बातचीत’ कर रहा है। उन्होंने साथ ही धमकी दी कि यदि ‘शीघ्र’ कोई समझौता नहीं होता है तो खाड़ी देश के ऊर्जा संसाधनों को बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया जाएगा। ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को जारी रखने के लिए अमेरिका अब अरब देशों से खर्च मांगने की तैयारी में है। हालांकि, इसे लेकर अमेरिका ने कोई प्लान साझा नहीं किया है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसे विचार रखते हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को एक महीने से ज्यादा का समय बीत गया है। वहीं, ईरान ने अमेरिका की तरफ से मध्यस्थों के जरिए भेजे प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है।
वाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका खर्च के लिए अरब देशों का रुख कर सकता है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान लेविट से पूछा गया कि क्या अरब देश युद्ध के खर्च में मदद के लिए आगे आएंगे। इसपर लेविट ने कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप से पहले कुछ नहीं कहेंगी लेकिन राष्ट्रपति ऐसा विचार रखते हैं।

