राज्योत्सव में उच्च शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी बनी युवाओं के आकर्षण का केंद्र

विश्वविद्यालयों के स्टॉल पर उमड़ी भीड़, डिजिटल शिक्षा, नवाचार और रोजगारोन्मुखी योजनाओं की मिली जानकारी

रायपुर। नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में उच्च शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी युवाओं और विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विभिन्न विश्वविद्यालयों की ओर से लगाए गए स्टॉलों में आधुनिक शिक्षा, डिजिटल सुविधाओं, अनुसंधान, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जा रही है। युवा उत्साह के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे हैं और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों से परिचित हो रहे हैं।

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियों, तकनीकी सुविधाओं और करियर की संभावनाओं की जानकारी मिल रही है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी उच्च शिक्षा के बेहतर विकल्प समझने का अवसर मिल रहा है। प्रदर्शनी देखने पहुंचे अभिषेक कुमार साहू और डॉ. एसआर कमलेश ने इसे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी पहल बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।

प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और डिजिलॉकर जैसी योजनाएं विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। पीएम-उषा के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों की अधोसंरचना और गुणवत्ता मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट विद्यार्थियों के शैक्षणिक क्रेडिट के डिजिटल प्रबंधन और डिजिलॉकर दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की सुविधा देता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। नए शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना और अधोसंरचना विकास से विद्यार्थियों को घर के नजदीक पढ़ाई के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण बेटियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा को तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास से जोड़कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनी युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और भविष्य की सही दिशा चुनने में मददगार साबित हो रही है।

 डिजिटल शिक्षा की प्रमुख पहल

प्रदर्शनी में पीएम-उषा, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और डिजिलॉकर की जानकारी दी जा रही है। इन पहलों से उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता, अनुसंधान, डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड और विद्यार्थियों की सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

 ग्रामीण युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

नए शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना और शैक्षणिक अधोसंरचना के विस्तार से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को घर के नजदीक उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे। इससे विशेष रूप से बेटियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

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