बिहान से जुड़ीं गायत्री, हुनर को बनाया रोजगार का जरिया; अब हर माह 9 हजार रुपए तक की कमाई

बिहान से जुड़ीं गायत्री, हुनर को बनाया रोजगार का जरिया; अब हर माह 9 हजार रुपए तक की कमाई

श्रृंगारिका दुकान, सीएससी सेंटर और सिलाई का काम शुरू कर परिवार को दिया आर्थिक संबल

रायपुर । कभी घर-गृहस्थी तक सीमित रहने वाली रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के बड़ेगुड़ा की श्रीमती गायत्री सिंह सिदार आज अपनी मेहनत और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं। बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने उपलब्ध वित्तीय सहायता और अवसरों का बेहतर उपयोग करते हुए श्रृंगारिका दुकान, सीएससी सेंटर और सिलाई दुकान शुरू की। इन आजीविका गतिविधियों से उन्हें अब प्रतिमाह करीब 9 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाओं और बिहान के माध्यम से गांवों में महिलाओं को आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। गायत्री की कहानी इसी बदलाव की एक प्रेरक तस्वीर है।

समूह से जुड़ीं तो खुली आत्मनिर्भरता की राह

गायत्री बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं थी और वे मुख्य रूप से घर-गृहस्थी तक ही सीमित थीं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। आईएफ एवं सीआईएफ जैसी वित्तीय सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी आजीविका शुरू करने में किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग काम शुरू किए। श्रृंगारिका दुकान के साथ सीएससी सेंटर और सिलाई का काम शुरू करने से उनकी आमदनी के नए रास्ते खुले। अब वे अपने व्यवसाय का संचालन स्वयं करती हैं और आर्थिक फैसलों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

बढ़ी आमदनी तो बच्चों की पढ़ाई भी हुई बेहतर

गायत्री कहती हैं कि आत्मनिर्भर बनने के साथ उनके आत्मविश्वास में भी बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें आवश्यक कार्यों के लिए बाहर जाने, लोगों से संपर्क करने और अपने व्यवसाय से जुड़े निर्णय लेने में संकोच नहीं होता। उनकी बढ़ी हुई आमदनी का सीधा लाभ परिवार को मिल रहा है। बच्चों की पढ़ाई बेहतर ढंग से चल रही है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी उन्हें आर्थिक सहयोग मिल रहा है।

अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा

गायत्री सिंह सिदार का कहना है कि महिलाओं को अवसर मिले तो वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं। उन्होंने बिहान से जुड़ी अन्य महिलाओं से प्रशिक्षण, ऋण और उपलब्ध सहायता का सही उपयोग कर अपनी आजीविका शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह महिलाओं को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं देते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का हौसला भी पैदा करते हैं। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

महतारी वंदन की 31वीं किस्त से रक्षाबंधन की खुशियां बढ़ीं

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महतारी वंदन योजना भी महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। योजना की 31वीं किस्त की राशि मिलने पर गायत्री सहित जिले की महिलाओं ने खुशी जताई और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गायत्री ने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के साथ परिवार के खर्च में सहयोग करने का संबल मिलता है। रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से पर्व की खुशियां भी और बढ़ गई हैं।
गायत्री की कहानी बताती है कि जब महिलाओं को समूह, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और सही अवसर मिलते हैं, तो वे न केवल अपनी जिंदगी बदल सकती हैं, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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