नाबालिगों के हाथों में रफ्तार, बच्चों की सुरक्षा पर खतरा – अब सिर्फ अपील नहीं, कड़ाई भी जरूरी : इदरीस गांधी

रायपुर। राजधानी में नाबालिग छात्रों द्वारा बिना लाइसेंस वाहन चलाने, हेलमेट का उपयोग नहीं करने तथा ऑटो और ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किए जाने की खबरें चिंता का विषय हैं। यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।

छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा शुरू किए जा रहे विशेष अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन और ओवरलोड स्कूल वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों और पालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

इदरीस गांधी ने कहा कि ऐसे अभियान पहले भी चलाए गए हैं, लेकिन कुछ समय बाद कार्रवाई की गति धीमी पड़ जाती है। बच्चों की सुरक्षा जैसे विषय पर निरंतर निगरानी और नियमित कार्रवाई आवश्यक है।

उन्होंने पालकों से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें और बच्चों को असुरक्षित वाहनों में भेजने से बचें। उन्होंने कहा कि नियमों का सख्ती से पालन ही बच्चों के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कर सकता है।

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