​डायल 112 (बाज 1) टीम कसडोल की तत्परता और सूझबूझ से टली बड़ी वारदात

● ​शराब के नशे में पूरे परिवार से मारपीट कर रहे युवक को पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से दी समझाइश
● ​पीड़ितों द्वारा खुशी से दिए जा रहे 1000 रुपये के इनाम को ठुकराकर टीम ने पेश की ईमानदारी की मिसाल

​छत्तीसगढ़ पुलिस की डायल 112 सेवा न केवल संकट के समय में आम जनता की मददगार साबित हो रही है, बल्कि अपनी सूझबूझ और ईमानदारी से खाकी की छवि को भी लगातार गौरवान्वित कर रही है। ऐसा ही एक सराहनीय मामला थाना कसडोल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पुटपुरा से सामने आया है, जहाँ डायल 112 की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ही परिवार के कई लोगों को घरेलू हिंसा का शिकार होने से बचाया।
​क्या था मामला?- ​दिनांक 01 जुलाई 2026 की रात करीब 09:00 बजे डायल 112 को इवेंट नंबर 542331 के माध्यम से एक अत्यंत संवेदनशील सूचना मिली। कॉलर ने बेहद डरे हुए स्वर में बताया कि उसका जीजा अत्यधिक शराब के नशे में है और घर के छोटे-छोटे 3 बच्चों, अपनी पत्नी, सास, ससुर तथा कॉलर के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहा है। घर में चीख-पुकार मची हुई है और जान का खतरा बना हुआ है।
​बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंची ‘बाज 1’ की टीम- ​सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना कसडोल की डायल 112 ‘बाज 1’ टीम में तैनात आरक्षक आशुतोष बंजारे एवं साथी स्टाफ बिना एक पल गंवाए तत्काल घटनास्थल ग्राम पुटपुरा पहुंचे। मौके पर हालात काफी तनावपूर्ण थे। पुलिस टीम ने स्थिति को तुरंत अपने नियंत्रण में लिया।
​मनोवैज्ञानिक समझाइश और मानवीय चेहरा- ​जब पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ की, तो उन्होंने बच्चों और अपनी बेटी के भविष्य तथा लोक-लाज के डर से कानूनी रिपोर्ट दर्ज कराने से मना कर दिया। उन्होंने पुलिस से केवल इतनी गुहार लगाई कि वे उस शराबी व्यक्ति को समझा-बुझाकर शांत कर दें। ​इस पर आरक्षक आशुतोष बंजारे और टीम ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए शराबी युवक पर बल प्रयोग करने के बजाय मनोवैज्ञानिक और मानवीय तरीके से कड़ाई से समझाइश देना उचित समझा। पुलिस की इस काउंसलिंग का युवक पर ऐसा गहरा असर हुआ कि उसने तुरंत अपनी गलती का अहसास किया और पूरे परिवार के पैर छूकर रोते हुए माफी मांगी। डायल 112 की इस त्वरित कार्रवाई से रात के सन्नाटे में एक बड़ी अनहोनी और अप्रिय घटना होते-होते टल गई।
​ईमानदारी और अनुशासन की मिसाल- ​पुलिस की इस मानवीय कार्यशैली और तत्परता से कॉलर और उसके बुजुर्ग पिता इतने अभिभूत हुए कि उन्होंने खुश होकर सम्मान स्वरूप 112 की टीम को ₹1000 की नगद राशि देनी चाही। लेकिन कर्तव्यपरायण टीम ने इस राशि को लेने से साफ मना कर दिया। टीम ने अत्यंत विनम्रता से कहा—​”जनता की सेवा और सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है, इसके बदले हमें कुछ नहीं चाहिए।”​पुलिस की इस ईमानदारी और अनुशासन ने उपस्थित ग्रामीणों का दिल जीत लिया।
​वीडियो बनाकर जताया आभार- ​डायल 112 की इस त्वरित सहायता और बेदाग छवि से गदगद होकर आज कॉलर द्वारा स्वयं एक वीडियो संदेश जारी किया गया है। वीडियो के माध्यम से कॉलर और उसके परिवार ने थाना कसडोल की डायल 112 ‘बाज 1’ टीम (आरक्षक आशुतोष बंजारे व टीम) का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है।

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