खिलाड़ी और आयोजक दोनों गुज़र रहे कठिन परीक्षा के दौर से 

आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टी वी कमेंटेटर, रायपुर ,छ ग

खेलकूद के क्षेत्र में इस समय पूरे विश्व में सिर्फ एक ही स्पर्धा का नाम सबसे अधिक चर्चित है वह है फीफा विश्व कप 2026. वैसे इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि फुटबॉल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है .
इस बार विश्वकप के मेजबानी का जिम्मा उत्तरी मध्य अमेरिकन क्षेत्र के देश संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा तथा मैक्सिको को मिला है जोकि 11 जून से 19 जुलाई तक आयोजित है। पूर्व के फीफा विश्व कप के परिणाम ने नजर डालने से पता चलता है कि मैक्सिको ने अकेले ही 1970 तथा 1986 में दो बार विश्व कप का आयोजन किया जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका में 1994 में एक बार फीफा विश्व कप का आयोजन हो चुका है। फीफा विश्व कप में पहली बार 48 देशों विभिन्न चरणों को मिलाकर 104 मुकाबले होंगे। इसमें से अमेरिका के 11 शहरों में 78 मैच, मैक्सिको के तीन शहरों में 5 मैच और कनाडा के दो शहरों में 6 मैच खेला जाना तय हुआ है। फुटबाल के इस विश्वकप में जिन 16 शहरों में मुकाबले होंगे उनमें से सबसे बड़ा याने सबसे अधिक 80,824 दर्शक क्षमता वाला स्टेडियम एस्टाडियो एज्टेका है जो कि मैक्सिको सिटी में स्थित है। इसी तरह सबसे कम दर्शक क्षमता वाला स्टेडियम जिसमें एक बार में 43036 दर्शक एक साथ मैच का आनंद ले सकते हैं। यह टोरंटो शहर में है। 48 टीम में से एशिया महाद्वीप की 9 टीम क्रमश: आस्ट्रेलिया, ईरान, इराक, जापान, जार्डन, कतर, सउदी अरब, दक्षिण कोरिया, उजबेकिस्तान ने योग्यता हासिल की। अफीका महाद्वीप से 10 टीम ने मुख्य ड्रा में प्रवेश किया। उनमें अल्जीरिया, केप वर्डे, डीआर कांगो, मिस्र, घाना, आइवरी कोस्ट, मोरक्को, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका, ट्यूनीशिया शामिल थी। उत्तरी मध्य अमेरिकन और कैरेबियाई क्षेत्र से 6 टीम ने मुख्य ड्रा में जगह पाई। उनमें कनाड़ा काुआकाओ, हैती, मैक्सिको, , संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल थी। फीफा द्वारा पूरे विश्व को 6 जोन में बांटा गया था. इसी आधार पर टीम मुख्य ड्रा में प्रवेश करती हैं। दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में फुटबाल का क्रेज कितना है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण अमेरिका की कुल 10 टीम में से 6 ने योग्यता प्राप्त किया। उनमें अर्जेंटीना, ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर, पैराग्वे तथा उराग्वे शामिल हैं। सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह है कि फुटबाल के इस विश्वकप के 22 संस्करणों में से अर्थात् अर्जेंटीना ने तीन ब्राजील ने पांच तथा उरुग्वे ने दो बार विश्वकप जीता है। इसी तरह ओसिआनियन क्षेत्र से एक मात्र देश न्यूजीलैंड ने योग्यता हासिल की है। यूरोपियन क्षेत्र से सर्वाधिक 16 टीम ने मुख्य ड्रा में प्रवेश किया। उनमें आस्ट्रिया, बेल्जियम, बोस्निया एंड हर्जेगोविना, क्रोएशिया, चेक रिपब्लिक, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, नार्वे, पुर्तगाल, स्काटलैंड स्पेन, स्वीडन, स्वीट्जरलैंड और तुर्की सम्मिलित हैं। उपरोक्त 48 टीम को ए से लेकर एल तक 12 ग्रुप में प्रत्येक ग्रुप में चार टीम के हिसाब से बांटा गया था। 11 जून से 27 जून 2026 तक ग्रुप स्टेज मैच हुए जिसमें 48 में से 16 टीम स्पर्धा से बाहर हो गई। इनमें सबसे खराब प्रदर्शन एशियाई देशों का रहा। एशिया की 9 में से 7 टीम पहले ही चक्र में परास्त हो गई जबकि यूरोप की 16 में से सिर्फ 3 टीम, उत्तर-मध्य अमेरिकान की 6 में से 3 टीम, अफ्रीका महाद्वीप की 10 में से एक टीम, दक्षिण अमेरिका की 6 में से एक टीम जबकि ओसिआनिया की एकमात्र टीम न्यूजीलैंड राउंड आफ 32 में जगह बनाने में असफल रही। इस प्रकार 23वां फीफा विश्वकप निर्धारित कार्यक्रम से आगे बढ़ रहा है। फीफा के अधिकारियों के लिए इस विश्वकप का आयोजन एक बड़ी चुनौती है। तीन देशेां में 104 मैच का सुव्यवस्थित संचालन कोई साधारण बात नहीं है। एक मैच स्थल बैंकुवर से दूसरे देश के मैच स्थल मैक्सिको सिटी की दूरी 3994 किमी, बैंकूवर से बोस्टन की दूरी 5119 किमी, बोस्टन से मैक्सिको सिटी की दूरी 3700 किमी, मैक्सिको से टोरांटो की दूरी 3250 किमी है। इस तरह फीफा के अधिकारियों की दूरदृष्टि, लगाव, जुझारूपन से सभी खेलप्रेमियों को सबक लेना चाहिए। खेल स्पर्धा का सफलतापूर्वक आयोजन पदाधिकारियों की आपसी एकता, अनुशासन को दर्शाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *