कंगना रनौत स्टारर ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है। रिलीज़ से पहले कंगना और फिल्म की टीम पूरे देश में घूमकर उन असली हीरोज़ को सम्मान दे रही है, जो मुश्किल घड़ी में चुपचाप देश को संभालते हैं।
भुवनेश्वर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बाद, यह खास कैंपेन 8 जून को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचा, जहां एक खास शाम पब्लिक सेक्टर और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के नाम रही। इस मौके पर कंगना रनौत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के रियल लाइफ हीरोज़ को उनके बेहतरीन काम के लिए ‘बैज ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया। यह शाम उन लोगों को सच्चा ‘भारत भाग्य विधाता’ मानने और सलाम करने के नाम रही।
स्क्रीनिंग के दौरान कंगना ने कहा, “मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का दिल से धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने अपने व्यस्त समय में से वक्त निकालकर इस खास मौके का हिस्सा बने। यह सिर्फ एक फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं, बल्कि एक इमोशनल और इंस्पायरिंग सफर का अहम पड़ाव है। यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि असली हीरो वो नहीं जो स्टेज या कैमरे के सामने दिखता है, बल्कि वो है जो संकट के समय दूसरों की रक्षा के लिए आगे आता है। आज मैं मेडिकल स्टाफ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नर्सेस, मीडिया के साथी और समाज के हर उस कर्मयोगी को सलाम करती हूं जो यहां मौजूद हैं। मेरे लिए आप सभी ‘भारत भाग्य विधाता’ हैं, क्योंकि देश का निर्माण बड़े-बड़े खिताबों से नहीं, बल्कि ईमानदारी से निभाए गए कर्तव्यों से होता है।”
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की छत्तीसगढ़ में विशेष स्क्रीनिंग हो रही है। मैं उनका मां कौशल्या की धरती पर स्वागत करता हूं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि इस फिल्म के निर्देशक मनोज टापड़िया छत्तीसगढ़ के बेटे हैं। हम सभी जानते हैं कि 26/11 को मुंबई में क्या हुआ था—आतंकी हमला, कई जानें गईं। लेकिन उसी समय कामा अस्पताल के हेल्थकेयर वर्कर्स ने जिस तरह काम किया, उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। फिर भी उनकी कहानी को उतनी पहचान नहीं मिली। अब कंगना खुद इस फिल्म में नर्स का किरदार निभाकर उनकी कहानी दुनिया के सामने ला रही हैं। हमारे आसपास कई लोग असाधारण काम करते हैं, लेकिन उनकी कहानियां सामने नहीं आ पातीं। यह भी गर्व की बात है कि फिल्म का टाइटल हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संबोधन से प्रेरित है।”
देशभर में चल रही इस पहल के तहत फिल्म के मेकर्स अलग-अलग शहरों में खास स्क्रीनिंग कर रहे हैं, जहां समाज के उन फ्रंटलाइन वर्कर्स को बुलाया जा रहा है जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। चाहे पुलिस हो, नर्सेस, वार्ड बॉय, अस्पताल के गार्ड, सफाई कर्मचारी या सिक्योरिटी स्टाफ—इस कैंपेन का मकसद उनके अथक योगदान को पहचान देना है, जो आमतौर पर सुर्खियों में नहीं आता।
रायपुर में कंगना और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्तिगत रूप से कई अनदेखे हीरोज़ को सम्मानित किया। जोगेश्वर कुमार धीवर, नारायण सिंह नायक, भुवनेश्वरी तिवारी, रोहिणी वर्मा, उर्मिला भगत, रोशनी, विजय शंकर कश्यप, मीना सिंह, ममता कपूर और मीना शर्मा को ‘भारत भाग्य विधाता’ के बैज देकर उनके वर्षों के योगदान के लिए सराहा गया।
रायपुर के बाद यह ट्रिब्यूट टूर जोधपुर और दिल्ली समेत अन्य शहरों में जारी रहेगा, जहां कृतज्ञता, पहचान और सम्मान का यह संदेश आगे बढ़ाया जाएगा।
डॉ. जयंतीलाल गड़ा (PEN स्टूडियोज़) द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म को PEN स्टूडियोज़, मणिकर्णिका फिल्म्स और परम्हंस क्रिएशन्स ने मिलकर बनाया है, साथ ही Eunoia Films LLP और Floating Rocks Entertainment Pvt. Ltd. का सहयोग है। फिल्म का वितरण Pen Marudhar द्वारा 12 जून 2026 को किया जाएगा।

