दुर्ग सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के तरफ पिता-पुत्र ने एक साथ खुदकुशी कर ली आपापुरा के भोईपारा स्थित किराए के मकान में अंदर से बंद कमरे में शनिवार को दोनों की लाश बिस्तर पर पड़ी मिली वृद्धावस्था के चलते बीमारी के जकड़ने से पिता चलने फिरने में असमर्थ था वहीं पुत्र जन्मजात मंदबुद्धि था लिहाजा माना जा रहा है कि जीवन की बेबसी के चलते दोनों ने कीटनाशक दवा खाकर पीकर मौत को गले लगा लिया। मामले में पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना में जुटी हुई है दुर्ग सिटी कोतवाली टीआई नवीन कुमार राजपूत ने बताया कि शनिवार की सुबह सूचना मिली कि आपापुरा के भोईपारा में रहने वाले अरुण कुमार टांडिया (70 साल ) और उनके बेटे पंकज टांडिया (40 साल ) ने कीटनाशक दवाई खा ली है। दोनों पिता और पुत्र किराए के मकान में रहते थे सुबह 10 बजे तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला था। मकान मालिक सहित पड़ोसियों ने दरवाजे पर दस्तक दी और अरुण टांडिया को आवाज दी। कोई जवाब नहीं मिला तो उसके मोबाइल फोन पर कॉल किया गया। लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने पर दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर पिता और पुत्र मृत अवस्था में बिस्तर पर पड़े मिले बताया जा रहा है कि पंकज मंदबुद्धि था और पिता अरुण वृद्धावस्था की बीमारी के वजह से चलने-फिरने में असमर्थ था। करीब 8 माह पहले अरुण की पत्नी की मौत हो गई थी, जबकि बेटी की शादी होने के बाद वह जगदलपुर में रहती है घर में पिता और पुत्र ही रहते थे घर पर खाना बनाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसीलिए वे टिफिन सेंटर से खाना मंगाते थे। पंकज मंदबुद्धि होने के बावजूद किसी तरह मजदूरी कर घर खर्च जुटाता था। उसे मिर्गी की बीमारी भी थी। जिससे परेशान रहता था। बाथरूम में कीटनाशक दवा मिली है। इससे आशंका जताई जा रही है कि बेबसी के चलते पिता और पुत्र में कीटनाशक दवा पीकर खुदकुशी कर ली फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है
दुर्ग में पिता-पुत्र ने की खुदकुशी, कमरे में मिली दोनों की लाश

