ढाका। बांग्लादेश के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से ही बांग्लादेश जल रहा है। कानून व्यवस्था की चुनौती के बीच शुक्रवार को उस्मान हादी का शव सिंगापुर से ढाका लागा गया है। शनिवार को ही उस्मान हादी को सुपुर्द-ए-खाक किया जा सकता है। हालांकि बांग्लादेश की सरकार के लिए यह बड़ी चुनौती है। देश में आक्रोश अभी थमा नहीं है और उपद्रव का आशंका बनी हुई है। युवा नेता शरीफ उस्मान हादी को छह दिन पहले गोली मार दी गयी थी। वह जुलाई में सरकार के विरूद्ध हुए हिंसक प्रदर्शनों में एक प्रमुख चेहरा थे। पुलिस के अनुसार, हादी का शव सिंगापुर से ढाका पहुंचने के कुछ ही समय बाद, कथित कट्टरपंथी दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने राजधानी में वामपंथी विचारधारा वाली उदिची शिल्पीगोष्ठी के मुख्य कार्यालय में आग लगा दी। दमकल कर्मियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। उदिची के कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में पुलिस, बीजीबी और सेना के जवान तैनात हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में गुरुवार रात हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं जिनमें चट्टगांव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास पर पथराव भी शामिल है। ये घटनाएं मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस द्वारा टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए हादी की मौत की पुष्टि करने के बाद हुईं। इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी का शव कड़ी सुरक्षा और व्यापक जन शोक के बीच विमान बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान से स्थानीय समयानुसार शाम लगभग छह बजे हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एचएसआईए) पर लाया गया। यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने बिमान के महाप्रबंधक (जनसंपर्क) बोशरा इस्लाम के हवाले से दी। एजेंसी के अनुसार, हादी के शव को हवाई अड्डे से बाहर ले जाते समय सुरक्षा बनाए रखने के लिए बांग्लादेश सेना, सशस्त्र बल बटालियन (एएफबी) और पुलिस के सदस्यों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया था। बीएसएस ने बताया कि सिंगापुर जनरल अस्पताल में हादी की मौत से राजनीतिक हलकों, इंकलाब मंच के कार्यकर्ताओं और आम जनता में व्यापक शोक की लहर दौड़ गई।
सिंगापुर से बांग्लादेश लाया गया उस्मान हादी का शव

