नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को ‘अन्यायपूर्ण और एकतरफा’ करार देते हुए कहा कि सिंधु नदी के जल पर भारत और उसके किसानों का एकमात्र अधिकार है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।’
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि इस संधि ने भारत में कृषि को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने इस समझौते को जारी रखने की निरर्थकता को रेखांकित किया है।
उन्होंने कहा कि इस संधि की वजह से सिंधु के जल से ‘हमारे दुश्मनों के खेतों की सिंचाई होती है, जबकि मेरे देश की धरती और मेरे देश के किसान प्यासे रहते हैं।’
मोदी ने कहा, ‘भारत का जो पानी है, उसका इस्तेमाल भारत के लिए होगा, सिर्फ भारत के किसानों के लिए होगा और हम अब ऐसी व्यवस्था बर्दाश्त नहीं करेंगे जो अपने किसानों को वंचित रखे।’ उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारत के किसानों को दशकों तक ‘अकल्पनीय नुकसान’ उठाना पड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘हिन्दुस्तान के हक का जो पानी है, उस पर सिर्फ और सिर्फ हिन्दुस्तान के किसानों और हिन्दुस्तान का अधिकार है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत कतई सिंधु समझौते के उस स्वरूप को आगे नहीं सहेंगे।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत दशकों से इसे सहन करता आ रहा है। हम इसे और सहन नहीं करेंगे। हमारे किसानों के हित में, राष्ट्र के हित में, यह समझौता हमें अस्वीकार्य है।’
भारत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद दशकों पुरानी इस संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे।
ऐतिहासिक लाल किले पर शुक्रवार को आयोजित 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश भर से आंगनवाड़ी सहयोगियों, लखपति दीदी और ग्राम सरपंचों सहित लगभग 5,000 विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
आमंत्रित अतिथियों में आगामी विशेष ओलंपिक 2025 के लिए भारतीय दल के सदस्य, अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के विजेता और खेलो इंडिया पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता भी शामिल रहे।
सिंधु से सींचे जा रहे दुश्मन के खेत, लाल किले से PM मोदी ने पाकिस्तान को ललकारा

