अब तक 06 हजार से अधिक तिरंगे झण्डे हो चुके हैं तैयार
जिलेवासियों को हर घर तिरंगा अभियान के
तहत अपने घरों में तिरंगा झण्डा लगाने की अपील
बालोद.बालोद जिले के ग्राम बघमरा में स्वतंत्रता के महापर्व की तैयारियाँ इस बार एक अनूठे उत्साह के साथ चल रही हैं। यहाँ की 04 स्वयं सहायता समूहों की 20 महिलाओं द्वारा हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा झंडा बनाने में दिन-रात जुटी हुई हैं। इनके द्वारा अब तक 6,000 से अधिक तिरंगे तैयार किए जा चुके हैं, जिन्हें 35 रुपये प्रति झंडे की दर से बेचकर इन्होंने लगभग 2 लाख रुपये की आमदनी अर्जित की है। यह राशि न केवल उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि गाँव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही है। यह न केवल आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी है, बल्कि राष्ट्रप्रेम और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल भी है। हर घर तिरंगा अभियान, जो कि 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 2 से 15 अगस्त 2025 तक चलाया जा रहा है, इसका उद्देश्य हर भारतीय के घर में तिरंगा फहराकर देशभक्ति की भावना को जागृत करना है। बालोद जिले के बघमरा गाँव में यह अभियान न केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन रहा है, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए आजीविका का एक मजबूत साधन भी साबित हो रहा है।
जय कपिलेश्वर स्वयं सहायता समूह की श्रीमती तिजन बाई ने गर्व के साथ बताया कि हमारी सिलाई मशीनें दिन-रात चल रही हैं। हर झंडे में हमारा प्यार और देश के प्रति सम्मान सिल दिया जाता है। यह काम हमें आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ देशसेवा का गौरव भी दे रहा है। सहेली स्वयं सहायता समूह की श्रीमती देवकी विश्वकर्मा ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि पहले हम छोटे-मोटे कामों पर निर्भर थे, लेकिन इस अभियान ने हमें एक नई पहचान दी है। तिरंगा बनाना सिर्फ काम नहीं, बल्कि देश के लिए कुछ करने का जुनून है। इस कमाई से मैं अपने बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतें पूरी कर पा रही हूँ। ’’नवज्योति स्वयं सहायता समूह’’ की श्रीमती सरोजनी साहू ने भी उत्साह के साथ बताया, हमारी मेहनत से तैयार तिरंगे जब गाँव और जिले के घरों में लहराते हैं, तो हमें गर्व महसूस होता है। हम चाहते हैं कि हर घर में तिरंगा लहराए और हमारा गाँव इस अभियान में सबसे आगे रहे।
गाँव की इन चार जय कपिलेश्वर, सहेली, नवज्योति और अम्बे स्वयं सहायता समूहों ने न केवल तिरंगा निर्माण का जिम्मा उठाया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि झंडे उच्च गुणवत्ता के हों। सिलाई मशीनों के माध्यम से ये महिलाएँ तिरंगे के तीन रंगोंकृकेसरिया, सफेद और हरे को एक साथ जोड़कर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और सटीकता का पूरा ध्यान रख रही हैं। बिहान की संकुल प्रभारी श्रीमती सुनीता खुंटे ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे हर घर तिरंगा अभियान का हिस्सा बनें और अपने घरों पर तिरंगा फहराएँ। उन्होंने कहा कि हमारी मेहनत से बने ये तिरंगे आपके घरों की शान बढ़ाएंगे। आइए, 15 अगस्त को हर घर में तिरंगा लहराकर देशभक्ति का जश्न मनाएँ।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। इन समूहों को स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण आजीविका मिशन का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। तिरंगे बिक्री के लिए शहर में स्टॉल, दुकानों और स्थानीय बाजारों में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों को तिरंगा निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और अभियान का उद्देश्य पूरा हो। राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के सहायक परियोजना अधिकारी श्री नितेश साहू ने बताया कि जिले में हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की कुल 13 स्वसहायता समूहों द्वारा अब तक 08 हजार से अधिक तिरंगा झण्डा बनाकर विक्रय किया जा चुका है तथा 05 हजार नग झण्डे का आर्डर प्राप्त हुआ है।

