बिहार में उफान मार रही गंगा

भागलपुर। लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं, जिससे पानी खेतों और रिहायसी इलाकों में फैल रहा है। गंगा का जलस्तर बूढ़ानाथ मंदिर तक पहुंच गया है, जबकि मशानी काली मंदिर परिसर जलमग्न हो गया है। निचले इलाकों में भी पानी भरने लगा है। चांदन नदी का बांध टूटने से गोराडीह के कई गांवों में जलभराव हो गया है। कतरिया नदी के उफान से सबौर- जमसी मार्ग बंद हो गया है। भिट्ठी और सरधो गांव के आसपास पानी चारों ओर फैल गया है। खेतों के साथ-साथ अब घरों में भी पानी प्रवेश कर रहा है। ममलखा और चांचचक में कटावरोधी काम में लगे बोरे खिसक रहे हैं, जिससे कटाव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पशुओं की स्थिति भी गंभीर है, चारे की कमी और रहने की समस्या बढ़ रही है।
तटबंधों की सुरक्षा के लिए चौकसी बढ़ाई गई

नवगछिया के इस्माईलपुर-बिंद टोली में रविवार की संध्या छह बजे गंगा नदी का जलस्तर लाल निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर, अर्थात 32.17 मीटर पर बह रहा था। वहीं, मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर 30.40 मीटर पर, चेतावनी स्तर से आठ सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। गंगा नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि और मूसलाधार वर्षा के कारण विभिन्न स्परों और तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। हाल ही में स्पर संख्या नौ के पचास-छह मीटर ध्वस्त होने के बाद, स्पर संख्या आठ पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *