नई दिल्ली। अहमदाबाद प्लेन क्रैश हादसे की रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत के टॉप एविशेन एक्सपर्ट्स में से एक कैप्टन मोहन रंगनाथन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने फ्यूल कटऑफ स्विच और कॉकपिट ऑडियो की ओर इशारा करते हुए कहा है कि ये घटना जानबूझकर की गई किसी चीज का नतीजा हो सकती है। दरअसल हादसे को लेकर शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया है कि विमान के दोनों ईधन स्विच एक साथ कटऑफ हो गए थे। इसके अलावा कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट दूसरे से ये पूछता सुना गया कि तुमने फ्यूल क्यों बंद कर दिया जबकि दूसरा पायलट जवाब देता है कि उसने ऐसा नहीं किया। एक टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक जब कैप्टन रंगनाथन से पूछा गया कि क्या पायलटों में से किसी ने जानबूझकर ईंधन बंद कर दिया था, यह जानते हुए भी कि ऐसा करने से दुर्घटना हो सकती है। इस पर उन्होंने कहा, बिल्कुल ऐसा संभव है। उन्होंने कहा, यह काम हाथ से ही करना पड़ता है। क्या ड्रीमलाइनर के इंजनों में ईंधन बंद करने का कोई और तरीका भी है? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, यह अपने आप या पावर फेलियर के कारण नहीं हो सकता क्योंकि ईंधन सिलेक्टर्स स्लाइडिंग टाइप के नहीं हैं। इन्हें एक स्लॉट में रहने के तौर पर डिज़ाइन किया गया है, और इन्हें ऊपर या नीचे करने के लिए आपको इन्हें बाहर निकालना होगा। इसलिए, अनजाने में इन्हें बंद करने की स्थिति नहीं बनती। यह निश्चित रूप से जानबूझकर बंद करने का मामला है।
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा विमान रनवे के कुछ मिनटों बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और एक हॉस्टल की इमारत से जा टकराया था। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी जबकि विमान में मौजूद केवल एक शख्स इस हादसे में बचा था। इस हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि उड़ान संख्या 171 के लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ पलों बाद ऊंचाई खो रहे उस विमान के एक पायलट ने देखा कि कॉकपिट में लगे ईंधन वाले दोनों स्विच बंद है। पायलटों ने स्विच चालू कर दिए थे, लेकिन समय इतना कम था और विमान इतना नीचे चला गया था कि वह फिर ऊपर उठ नहीं पाया और नीचे एक हॉस्टल से टकरा गया। दुर्घटना के एक महीने बाद जारी एजेंसी भारतीय वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएसआईबी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक कॉकपिट संभाल रहे दोनों पायलटों में एक ने उस दौरान कहा था- ‘तुमने कट ऑफ क्यों किया’, इस पर दूसरे का जवाब था- ‘ मैंने नहीं किया’! इस बातचीत के बाद कुछ ही पल में सब कुछ खत्म हो गया था।
यहां ‘कट ऑफ’ से मतलब विमान के दोनों इंजनों को ईंधन की सप्लाई करने वाले सिस्टम को चालू और बंद करने के लिए कॉकपिट में लगे दोनों स्विच बंद होने से था। पहले पायलट के सवाल के जवाब में दूसरे का कहना था कि उसने स्विच बंद नहीं किए थे।
एएसबीआई की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार रिपोर्ट के अनुसार पायलटों ने विमान को बचाने की बहादुरी से कोशिश की। ईंधन कटऑफ के 10-14 सेकंड के भीतर, उन्होंने दोनों ईंधन स्विच को वापस ‘रन’ की स्थिति में किया। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि विमान के दोनों इंजनों ने स्वचालित रूप से पुनः आरंभ करना शुरू कर दिया, इंजन 1 में सुधार के संकेत दिखाई दिए थे, लेकिन कम समय और कम ऊंचाई के कारण विमान को टक्कर से नहीं बचाया जा सका। रिपोर्ट का कहना है कि जब विमान विमान के इंजनों ने काम करना बंद किया था.
उस समय वह केवल 625 फुट ऊपर था और इंजन फिर शुरू करने की प्रक्रिया में 29 सेकंड से कहीं अधिक समय लगता था। आज के जेट इंजन उड़ान के दौरान फिर चालू हो जाते हैं, लेकिन इसमें कई मिनट लग जाते हैं और इसके लिए विमान अधिक ऊंचाई पर होना चाहिए।
जानबूझकर बंद किया गया था विमान का फ्यूल?

